तिलहन की सभी किस्मों में ऑयल मिलों की भरपूर मांग

भाटापारा। ऑयल मिलों की मांग ऐसी ही बनी रही, तो सरसों इस बार कीमतों में नया कीर्तिमान बना सकता है। सोयाबीन वैसे भी पहले से ही तेजी की राह पर है। इधर दलहन में तेजी का रुख बना हुआ है। धान की सभी किस्मों में मजबूती का रुख देखने में आ रहा है।

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बाद तिलहन और गेहूं की आपूर्ति में आ रही बाधा से घरेलू बाजार में तेजी बनती नजर आ रही है। घरेलू उत्पादन वैसे भी कमजोर है, इसलिए मांग और आपूर्ति के बीच अंतर बढ़ता ही जा रहा है। असर कीमतों में तेजी के रूप में अब सामने आ चुका है। इस बीच तिलहन में सरसों और सोयाबीन की नई फसल की आवक शुरू हो चुकी है लेकिन खरीदी में प्रतिस्पर्धा के बाद कीमत निरंतर बढ़त की ओर है।

सरसों ने पकड़ी तेजी की राह

सरसों की नई फसल कृषि उपज मंडी में पहुंचने लगी है। ऑयल मिलों और ट्रेडर्स के बीच प्रतिस्पर्धी माहौल में हो रही खरीदी के बाद नई सरसों में 6000 से 6100 रुपए क्विंटल पर नीलामी की खबर है। सोयाबीन में भी मांग का दबाव बना हुआ है। ऐसे में इसकी खरीदी 7000 से 7200 रुपए क्विंटल पर हो रही है। दोनों किस्मों में तेजी आगे भी बनी रहने की संभावना है।

दलहन दिखा रहा गर्मी

दलहन में भी नई फसल की आवक अच्छी है। मंडी सूत्रों के मुताबिक चना में दाल मिलों की खरीदी के बीच 4500 से 4600 रुपए पर सौदे हो रहे हैं। जबकि अरहर में मजबूती का रुख अभी भी बदस्तूर जारी हैँ। नया तिवरा में 3300 से 3500 रुपए क्विंटल पर सौदे हो रहे हैं तो, बटरी में क्वालिटी के हिसाब से 3500 से 4000 रुपए क्विंटल पर नीलामी की खबर है।

धान स्थिर

रबी फसल की आवक में एक महीना और लगने की संभावना है। इसलिए इसकी सभी किस्मों में स्थिरता का रुख बना हुआ है। फिर भी एचएमटी 2000 से 2200 रुपए क्विंटल, सियाराम 2300 से 2500 रुपए, विष्णु भोग 3500 से 3600 रुपए क्विंटल पर स्थिर है। सरना में 1600 रुपए और महामाया में 1600 से 1850 रुपए की कीमत खुलने के बाद हल्की मजबूती देखी जा रही है।