यूरिया की मांग कर रहे किसानों के सामने बाजार की नई शर्त
बलौदाबाजार। सही कीमत पर देंगे यूरिया , लेकिन इसके साथ ” लादन” भी लेना होगा। यह जिंक, सल्फर या कुछ और सामग्री भी हो सकती है। किसानों के साथ की जा रही मनमानी पर विभाग की फटकार के बाद, उर्वरक बाजार की यह शर्त किसानों पर अब बेहद भारी पड़ रही है क्योंकि दी जा रही अतिरिक्त सामग्री की कीमत को जोड़कर भी यूरिया की खरीदी 500 रुपये के आसपास पड़़ रही है।
खरीफ सत्र में भी परेशान हुआ था किसान। स्थितियों में अब भी कोई बदलाव नही आया है क्योंकि रबी सत्र में भी यूरिया के लिए किसान, न केवल भटक रहें हैं बल्कि उन्हें दोगुनी से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। कंपनियों के द्वारा असमान वितरण का पैमाना अपनाए जाने की वजह से खुले बाजार में यूरिया की भारी शार्टेज बन चुकी है। जुबानी जमा-खर्च में लगा विभाग, अब तक ठोस कदम नही उठा सका है। इसकी वजह से परेशानी हर रोज नये-नये रूप में सामने आ रही है।
अभी इस शर्त पर
किसानों की शिकायत पर जागे विभाग ने कड़ाई दिखाई। भाव पूर्व के स्तर पर आए लेकिन मनमानी नए स्वरूप में की जा रही है। अब की दफा ,उर्वरक बाजार यूरिया रेट-टू-रेट तो दे रहा है लेकिन जिंक,सल्फर या अन्य सामग्री की खरीदी किए जाने की शर्त पर ही यूरिया दी जा रही है। बताते चलें कि इस शर्त के बाद भी यूरिया की प्रति बोरी कीमत 500 रुपये के आसपास ही पड़ रही है।
ये भी हैं चुप
अधिकतम खुदरा विक्रय मूल्य से अधिक दर पर विक्रय किए जाने की शिकायत पर ,कार्रवाई करने वाले विधिक माप विज्ञान विभाग ने भी मौन साध रखा है। जानकारी और शिकायत, दोनों पहुंच रही है लेकिन चुप्पी से उर्वरक बाजार मस्त है और पस्त है वह किसान, जो यूरिया की खरीदी के लिए बाजार पहुंच रहा है।
अब यहां से उम्मीद
यूरिया की जैसी किल्लत बनी हुई है, उसे देखते हुए विभाग , मार्कफेड और सहकारी समितियों से संपर्क बनाने की योजना बना रहा है क्योंकि उसके गोदाम में यूरिया का भंडारण बड़ी मात्रा में किया गया है। प्रयास इस बात के लिए किए जा रहें हैं कि रबी की मांग के अनुरूप नगद भुगतान में किसानों को यूरिया की आपूर्ति कर दी जाए। लेकिन समितियों ने अब तक मंजूरी नही दी है।


