पानी निकास की व्यवस्था करें तुरंत

बिलासपुर। रुक-रुक कर हो रही बारिश के बाद सब्जी की वही फसलें बच पाएंगी, जिनमें फूल लगने वाले हैं।ऐसी फसलों को बचाने के लिए किसानों को पानी-निकास की व्यवस्था तत्काल करनी होगी।नुकसान में आ चुकी फसलों की स्थिति का आकलन करने के बाद, फिर से बोनी की व्यवस्था करनी होगी।

उद्यानिकी फसलें संकट में आ चुकीं हैं। रूक-रूक कर बीते चार दिनों से हो रही बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान आलू की फसल लेने वाले किसानों को होने वाला है क्योंकि तैयार हो चुकी इसकी फसल पूरी तरह गलने की आशंका होने लगी है। लिहाजा जमाव वाले क्षेत्र से पानी निकास की व्यवस्था जल्द से जल्द करने होंगे ताकि फिर से बोनी का समय मिल सके।

आलू चौपट

बारिश की जैसी स्थिति बनी हुई है,उसमें सबसे ज्यादा नुकसान आलू की फसल को होगा क्योंकि इसने परिपक्वता अवधि पूरी कर ली है। निकाले जाने की चल रही तैयारियों के बीच, हुई बारिश से अब यह गलने की अवस्था में आती नजर आ रही है।ये किसी काम की नहीं

ये किसी काम की नहीं

रबी सीजन में ली जाने वाली सब्जी की पहली तैयारी के समय भी ऐसी ही बारिश ने नुकसान पहुंचाया। दोबारा बोनी के बाद जैसे ही फसल तैयार होने को आई, वैसे ही हुई बारिश अब दूसरी फसल के लिए संकट की वजह बन रही है।जिन सब्जियों के पूरी तरह खराब होने की आशंका है उनमें टमाटर, बैंगन,मूली, भिंडी, गोभी, सेमी,तुरई,करेला, लौकी, कुम्हड़ा मुख्य है।

पानी प्रबंधन पर जोर

सब्जी वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि फूल लग रही सब्जियों की प्रजाति में जल-जमाव की स्थिति न बननें दें। पानी निकासी की व्यवस्था समय रहते तत्काल करें,नहीं तो यह भी नष्ट हो जाएंगी। इसके अलावा तीसरी बोनी की तैयारी करें।धूप निकलने के बाद ऐसी प्रजाति की बोनी करें जो मौसम के अनुकूल हों ताकि नुकसान की भरपाई की जा सके।

मौसम की जैसी स्थिति बनी हुई है, उसमें सबसे ज्यादा नुकसान आलू की फसल को होगा।फूल लगने की स्थिति वाली फसलों को बचाए रखने के लिए जल निकासी की व्यवस्था तत्काल करें।
-डॉ. अमित दीक्षित, डीन,कॉलेज ऑफ हार्टिकल्चर एंड रिसर्च स्टेशन, सांकरा, दुर्ग