पहली बार इसमें भी स्टॉकिस्ट

भाटापारा । समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को पुराने बारदाने की खरीदी पर ज्यादा पैसे नहीं लगेंगे। ओल्ड जूट बैग मार्केट में 24 से लेकर 29 रुपए तक की कीमत वाले बारदाने पहुंचने लगे हैं । प्लास्टिक बैग पर तो महज 5 से 7 रुपए लगेंगे ।

समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के लिए अब बहुत ज्यादा समय नहीं है। सरकार ने तैयारियां चालू कर दी है तो ओल्ड जूट बैग मार्केट भी कमर कस चुका है । दाल, चावल, और पोहा मिलों से निकलने वाले अनुपयोगी बारदाने, मरम्मत और ग्रेडिंग के बाद बंडल का आकार ले चुके हैं। अब तैयार है उन किसानों तक पहुंचने के लिए जो इस समय फसलों के आने वाले दिन की तैयारी में लगे हुए हैं।

पहली बार स्टॉकिस्ट

बीते 2 बरस से हो रही किल्लत और मिलती अच्छी कीमत के बाद पहली बार ओल्ड जूट बैग मार्केट में स्टॉकिस्टों का एक नया वर्ग तैयार हो चुका है। भरपूर मांग के बाद अच्छे अवसर को देखते हुए इस बार अच्छी खासी-संख्या में पुराने जूट बैग के स्टॉक तैयार हो रहे हैं। इससे किल्लत जैसी समस्या दूर होने की पूरी संभावना है।

इस बार इस कीमत पर

40 किलो वजन क्षमता वाले नए जूट बैग की कीमत 33 रुपए प्रति नग बोली जा रही है। ओल्ड जूट बैग में सेकंड क्वालिटी में यह कीमत, पहली बार राहत दिलाने के लिए तय की जा चुकी है। इसमें 24, 25, 27 और 29 रुपए कीमत वाले बारदाने की खरीदी किसान कर सकेंगे। यह रिटेल मार्केट की दर है। यदि संख्या बढ़ाकर खरीदी करना है तो 1800 से 2500 रुपए सैकड़ा में इसे लिया जा सकता है।

यह होगी प्लास्टिक बैग की कीमत

प्लास्टिक बैग में नए का चलन किसान बेहद सीमित मात्रा में करते हैं। आटा, सूजी, मैदा और शक्कर के पुराने प्लास्टिक बैग 5, 6 और 7 रुपए प्रति नग की दर पर किसानों तक पहुंचेगें। कोरोना काल में दूसरी बार होने वाली खरीदी को लेकर बारदाना बाजार संशय में है कि स्थिति मंदी की रहेगी या तेजी की ?