रतनपुर । बीते तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है. बाढ़ की वजह से नदी नाले उफान पर है। पुल पुलिये के उपर से बाढ़ के पानी का तेज बहाव होने से यातायात अवरुद्ध है वही कई गांवों का संपर्क टूट गया है।
पेंड्रा इलाके में झमाझम हुई बारिश से अरपा नदी में भी बाढ के हालात हैं। नदी किनारे के कईं गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बेलगहना इलाके के गाँव कोनचरा, जरगा, सोनसाय नवागांव, सोनपुरी, बरपाली में नदी के बाढ़ का पानी ग्रामीणों के घरों में घुस गया है। एहतियात के तौर पर ग्रामीणों ने सुरक्षित जगह पर शरण ले ली है।

भीग गए घरों में रखे अनाज

ग्राम जरगा निवासी बलराम ने बताया बुधवार को नदी के बाढ़ का पानी कई गाँव वालों के घरों में घुस गया। इसके चलते पांच किसानों के घरों में रखे सौ से अधिक बोरे धान भीग कर खराब हो गए। राम प्रसाद, रामसहा पिता राम भरोस के 30 बोरे, हेमलाल पिता जगन्नाथ के 15 बोरे, परदेशी पिता माखनलाल के 55 बोरे धान सहित कई किसानों के घरों में रखें अनाज बाढ़ का पानी घर पर घुसने से खराब हो गए हैं। वही प्रशासन की ओर से कोई भी अमला गांव में बाढ़ से हुए नुकसान और हालात का जायजा लेने नहीं पहुंचे हैं।

सतनाला पुल भी डूबा

रतनपुर-केन्दा रोड में ग्राम छतौना के पास स्थित सतनाला का पुल भी बुधवार की सुबह डूब गया। इसकी वजह से पेण्डारोड में यातायात प्रभावित रहा। ग्रामीणों के मुताबिक अरपा नदी का ऐसा रुप आठ साल बाद देखने को मिला है. इससे पहले साल 2013 में सतनाला के पुल के उपर तीन फीट से ज्यादा बाढ़ का पानी बहा था।

भैसाझार बैराज से छूटा पानी

बुधवार की दोपहर अरपा भैसाझर बांध से पानी छोड़े जाने से अरपा नदी के जल स्तर में एकाएक बढ़ोतरी हो गई। इसके बाद ज़िला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया. नगर निगम द्वारा निचले इलाक़े में मुनादी कराई । जल भराव की स्थिति को देखते हुए नगर निगम के जोन 1, 3, 5, 6, 7, 8 में अमले को सतर्क किया है. स्कूलों व सामुदायिक भवनो में राहत शिविर बनाए। जोन १ में सामुदायिक भवन धुरीपारा में 15 परिवारों को शिफ़्ट किया गया।भोजन व ठहरने की व्यवस्था की गई है। जोन 3 के कुदुदंड के गली नम्बर 1 में एक निजी स्कूल को शिविर बनाया गया. प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रखा गया है। जोन 5 के पुत्री शाला एवं बाल श्रमिक भवन को राहत शिविर बनाया गया है।जोन-6 के मांडवा बस्ती 50 से अधिक घरों में पानी भरने लगा, इन परिवारों के लिए गुरुनानक स्कूल में राहत शिविर बनाया गया है। जोन -7 के आमराइया के घरों में पानी भरने से इस इलाक़े के 6 परिवार के 15 लोगों को चिंगराजपरा स्कूल राहत शिविर में रखा गया है। इसी जोन के मोपका स्कूल में भी एक राहत शिविर बनाया गया है, जिसने स्मृति वन के पास के घरों के 13 परिवारों के 43 को शिफ़्ट किया गया है। जोन-८ के जबड़ापारा क्षेत्र के जल भराव से प्रभावित लोंगो के लिए चन्द्रा सामुदायिक भवन में राहत शिविर बनाया गया है। भोजन एवं ठहरने कि व्यवस्था की गई है। अरपा में जलस्तर में वृद्धि होने से रपटा के ऊपर दिन से पानी आ गया था। शाम होते तक लगातार जल स्तर बढ़ते रहने पर ज़िला प्रशासन के साथ नगर निगम, पुलिस एवं नगरसेना के जवान अलर्ट है। सतत निगरानी रख रहे हैं। कलेक्टर डॉ सारांश मितर ने लोगों से अलर्ट और सुरक्षित रहने अपील की है.