मच्छर और डेंगू की मेहरबानी से बढ़ रहा बाजार
भाटापारा। यादों में रहेगा गुजरा 2020 का साल। यह इसलिए क्योंकि भरपूर मांग के दिनों में, लॉकडाउन की वजह से मच्छरदानी का बाजार बढ़त नहीं ले पाया। अब लॉकडाउन और बंद दुकानों के दिन लद गए हैं और मच्छरदानी फिर से मांग में आ चुकी है। यह , इस दफा कुछ ज्यादा इसलिए है क्योंकि डेंगू की वजह बनने वाले मच्छरों की फौज अपनी मौजूदगी हर जगह दिखा रही है।
सदियों से चली आ रही मच्छरदानी का बाजार फिर से बढ़त ले रहा है। बचाव के लिए वैसे तो बहुतेरे उपाय हैं लेकिन मच्छरों की फौज के सामने अब ये कारगर नही रहे। लिहाजा बाजार में एक बार फिर से मच्छरदानी की मांग और खरीदी चालू हो चली है। भरपूर मांग के बाद ईकाइयों ने कीमत नहीं बढ़ाई है। इसलिए उपभोक्ताओं की खरीदी जमकर हो रही है। जैसी मांग पहुंच रही है, उसे देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि मांग पूरे साल तक बनी रहेगी।
पूरे साल मांग में
एक समय था जब शीत ऋतु में ही मच्छरदानी की मांग निकला करती थी। अब यह पूरे साल, मांग में आ चुकी है क्योंकि मच्छर भी पूरे साल अपनी मजबूत उपस्थिति दिखा रहे हैं। बीते साल लॉक डाउन की वजह से जमीन पर आ चुकी मच्छरदानी की मांग ने जैसी गति पकड़ी हुई है, वह और बढ़त ले रही हैं। मालूम हो कि मच्छरदानी का सीजन, साल में जून से अगस्त, मार्च से अप्रैल तथा दीपावली के बाद जनवरी तक का माना जाता है।
इस वजह से बढ़ा बाजार
स्वच्छता का अभाव हमेशा से मच्छरों के लिए परिवार बढ़ाने के लिए माकूल मौका माना जाता रहा है। रही-सही कसर घरों और दुकानों में लगे वह कूलर पूरी कर रहे हैं, जिनकी सफाई नहीं की जाती और पानी भरा हुआ ही रहता है। ऐसी स्थितियां, मच्छरों के लिए परिवार बढ़ाने का बढ़िया मौका देती है।
हर उपभोक्ता के लिए
बढ़ती मांग के बाद सिंगल बेड के लिए मिक्स फैब्रिक्स वाली मच्छरदानी 145, 160, 190, 250, 310, 390, 430 और 480 रुपए में उपलब्ध है। डबल बेड रेंज की मच्छरदानी 170 रुपए से शुरू होकर 600 रुपए तक में मिल रही है। यहां यह बता देना जरूरी होगा कि रायपुर और बिलासपुर में चल रही इकाइयां ऑर्डर के दूसरे दिन ही सप्लाई दे रहीं हैं।
चालू बरस, मांग और खरीदी के लिहाज से काफी राहत देने वाला है। कीमत में वृद्धि नहीं होने से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है।
- नितिन गिदवानी, संचालक, मेसर्स मोहनलाल गिदवानी एंड ब्रदर्स,भाटापारा



