तेज धूप और हीट वेव ने बढ़ाई डिमांड

बिलासपुर। नॉन स्टॉप डिमांड। 50 फ़ीसदी बढ़त के बाद ओ आर एस, मांग का नया कीर्तिमान बनाने की राह पर है। समानांतर में ग्लूकोज भी साथ-साथ चल रहा है।

तेज धूप, गर्म हवाएं। बना रहीं हैं लू जैसी स्थितियां। ऐसे में बचाव के सीमित उपायों के बीच ओ आर एस और ग्लूकोज की डिमांड में बेतहाशा वृद्धि देखी जा रही है। बड़ी राहत इसलिए भी क्योंकि कीमतें दोनों की स्थिर हैं।

नॉन स्टॉप

मौसम के तेवर जैसे बने हुए हैं, उसने हीटवेव की स्थितियां बना दी है। हैं बचाव के कई उपाय लेकिन भरोसा ओ आर एस और ग्लूकोज पर ज्यादा है पर नया बदलाव यह कि इस बार ओ आर एस पाउडर की तुलना में लिक्विड में मांग ज्यादा देखी जा रही है। बीते बरस की तुलना में ओ आर एस 50 फ़ीसदी ग्रोथ ले चुका है। समानांतर में ग्लूकोज ने भी अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए रखी हुई है।

कड़ी नजर मांग और आपूर्ति पर

ओ आर एस उत्पादन करने वाली कंपनियां मांग और आपूर्ति पर कड़ी नजर रखी हुई हैं। डिमांड पहुंचते ही आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, इससे उपभोक्ताओं को जरूरत पड़ने पर चाही गई मात्रा में ओ आर एस मिल जा रहा है। लिक्विड ओआरएस में जैसी डिमांड निकल रही है, उससे विक्रेता संस्थानें हैरत में हैं। उत्पादन करने वाली इकाइयों को सूचना दी जाकर आपूर्ति का स्तर बनाए रखने की व्यवस्था का आग्रह भी ऑर्डर के साथ जा रहा है।

क्या है ओ आर एस

ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन एक ऐसा घोल है, जिसमें पानी, नमक और शक्कर का संतुलित मिश्रण होता है। इसका मुख्य उद्देश्य शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करना हैं। उल्टी, दस्त या अधिक पसीना आने पर शरीर में पानी के साथ-साथ आवश्यक खनिज लवण भी निकल जाते हैं यह स्थिति डिहाइड्रेशन कहलातीं हैं। ओ आर एस का पाउडर या लिक्विड का सेवन इन खोए हुए तत्वों की फिर से पूर्ति की राह खोलता है।

होते हैं यह तत्व

सोडियम क्लोराइड, यह शरीर में जल संतुलन को बनाए रखता है। ग्लूकोज की मदद से ऊर्जा और सामान्य सोडियम की उपलब्धता अवशोषण की प्रक्रिया पर नियंत्रण रखता है। जबकि मांसपेशियों और हृदय क्रिया के लिए साइट्रेड अम्लता को कम करता है पोटेशियम। इन्हीं महत्वपूर्ण गुणों की वजह से ओ आर एस को आधुनिक चिकित्सा की सबसे महत्वपूर्ण खोज में से एक माना गया है। भारत जैसे उष्णकटिबंधीय देश के लिए तो एक तरह से वरदान है ओ आर एस।