बिलासपुर। था 25 से 30 रुपए।अब 30 से 40 रुपए। सूखा नारियल में आई इस तूफानी तेजी के बाद कच्चा नारियल में मांग का दबाव बढ़ चला है हालांकि 5 रुपए की तेजी इसमें भी आई है लेकिन 20 से 30 रुपए जैसी कीमत क्रय शक्ति के भीतर ही मानी जा रही है।

रथ यात्रा, फिर गुप्त नवरात्रि और शिवरात्रि। बाद के महीनों में श्री गणेश और नवरात्रि। खुदरा बाजार की मांग अब थोक बाजार में पहुंचने लगी है। लेकिन कीमत में जैसी बढ़ोतरी सूखा नारियल में आ रही है, उसे देखते हुए खरीदी में कच्चा नारियल को प्राथमिकता दी जा रही है।

दबाव अब कच्चा नारियल में

महीना भर पहले तक 25 से 30 रुपए नग पर मिलने वाला सूखा नारियल अब 30 से 40 रुपए पर जा पहुंचा है। इस तेज कीमत ने उपभोक्ता मांग पर विपरीत प्रभाव डाला। डिमांड में रिकॉर्ड 75% गिरावट के बाद अब मांग कच्चा नारियल में निकलने लगी है। मांग के दबाव की वजह से 5 रुपए की तेजी इसमें भी आई लेकिन 20 से 30 रुपए नग जैसी कीमत को न केवल उपभोक्ता बल्कि खुदरा बाजार भी क्रयशक्ति के भीतर ही मान रहा है।

धूप ने दिखाई गर्मी

पूजा पाठ के दिन करीब आ रहे हैं। होलसेल काउंटर में रिटेल की डिमांड पहुंच चुकी है। खरीदी ने हालांकि गति नहीं पकड़ी है लेकिन पहली मांग धूप में जिस अनुपात में निकल रही है उसके बाद वनोपज से तैयार होने वाली धूप ने 200 से 400 रुपए किलो की जगह 300 से 600 रुपए किलो जैसी नई कीमत के साथ तेजी के संकेत दीर्घ अवधि तक बने रहने के दे दिए हैं। धूप की तेजी को समर्थन कपूर का मिल रहा है जिसमें नई कीमत 800 से 1200 रुपए किलो बोली जा रही है। इसके पूर्व तक यह 600 से 1000 रुपए किलो पर था।

तेवर तिखुर के

रथ यात्रा, फिर गुप्त नवरात्रि और शिवरात्रि। बाद के महीनों में गणेश और नवरात्रि का पर्व। उपवास के दौरान सेवन की जाने वाली खाद्य सामग्री के विक्रय के लिए संस्थानें तैयार होने लगीं हैं । 80 से 140 रुपए किलो पर मिल रहा तिखुर 160 रुपए किलो पर जा पहुंचा है।60 से 80 रुपए किलो पर मिलने वाले साबूदाना की खरीदी अब 70 से 90 रुपए किलो की दर पर करनी होगी। खड़ा सिंघाड़ा 180 से 240 रुपए किलो, तो सिंघाड़ा आटा में नई कीमत 200 से 280 रुपए किलो पर जा पहुंची है। शांत है सेवई 20 से 80 रुपए पैकेट जैसी कीमत पर।