जिला मुख्यालय में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

बलौदाबाजार।- नहीं था पान मसाला बेचने का लाइसेंस। रजिस्ट्रेशन नंबर भी नहीं मिले। प्रारंभिक पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने पान मसाला के लगभग 46 हजार पाउच जप्त कर लिए। जिसकी अनुमानित कीमत 95 हजार रुपए के आसपास है।

लॉकडाउन के दौर में चोरी-छिपे, पान मसाला और जर्दा युक्त गुटखा बेचने की पहुंची शिकायतों को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने ऐसी दुकानों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। पहला अपेक्षित परिणाम, जिला मुख्यालय की उस संस्थान से हासिल हुआ, जहां टॉफियां बेचने का कारोबार होता है। टीम के छापे में बड़ी मात्रा में छिपा कर रखा गया पान मसाला बरामद किया गया है। अब आगे की कार्रवाई जारी है।


बिना लाइसेंस पान मसाला

जगदीश सेल्स में जब खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने छापा मारा तब प्रारंभिक जांच में टॉफियां और कन्फेक्शनरी आइटम से संबंधित दस्तावेज के होने की जानकारी मिली लेकिन पूछताछ में संस्थान संचालक जगदीश यादव, पान मसाला बेचने के लिए जरूरी लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन नंबर के दस्तावेज पेश नहीं कर पाया यह पहली गलती मानी गई।


छिपाया था बाथरूम में

संदेह बढ़ाने वाली गतिविधियों को देखकर जांच टीम ने जांच के घेरे में पूरा परिसर को लिया, जिसमें बाथरूम में छिपाकर रखे गए पान मसाला के पाउच से भरी बोरियां मिली। उचित दस्तावेज नहीं मिलने की स्थिति में इसे जप्त कर लिया गया है।


95 हजार की सामग्री सीज़

खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने जब गिनती की तो उसमें कुल 46 हजार पाउच मिले। जिनकी कीमत लगभग पंचानवे हजार रुपए है। जर्दा युक्त गुटखा के संदेह में जप्त काके प्रीमियम और रेमो प्रीमियम ब्लेंडेड पान मसाला के सैंपल, राजधानी की विभागीय प्रयोगशाला में भेज दिया गया है। जहां इनका परीक्षण किया जाएगा।

दस्तावेज पेश नहीं कर पाया

जर्दा युक्त गुटखा के संदेह में की गई जांच में संस्थान संचालक, पान मसाला विक्रय के लिए जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर पाया। इसलिए पान मसाला जप्त कर लिया गया है। जर्दा युक्त गुटखा की जांच के लिए, सैंपल विभागीय लैब भेजे गए हैं।

  • उमेश वर्मा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, बलौदाबाजार