बिलासपुर। जौ हल्का तेज। लोकल तिल राह देख रहा है मांग की लेकिन गुजरात की तिल रिकॉर्ड 280 से 360 रुपए किलो की ऊंचाई पर जा पहुंची है। अलबत्ता जनेऊ और कुश शांत है।
पितृपक्ष 7 सितंबर से शुरू हो रहा है। बाजार तैयार हो चला है क्योंकि इस पक्ष के दौरान जरूरी सामग्रियों की मांग निकलने लगी है। संकेत जोरदार मांग के मिल रहे हैं।

जौ गर्म, तिल तेज
पितृ पक्ष पर विशेष मांग में रहता है जौ। फसल कमजोर रहने की खबर के बीच इसने 40 से 60 रुपए किलो जैसी ऊंची कीमत अपने नाम कर ली है। लोकल काली तिल भले ही 150 से 250 रुपए किलो पर शांत है लेकिन गुजरात की काली तिल रिकॉर्ड 280 से 360 रुपए किलो पर पहुंची हुई है। तेजी की आशंका को इसलिए भी बल मिल रहा है क्योंकि सीजन की मांग निकलने लगी है।

गर्म उड़द और खाद्य तेल
दलहन की लगभग सभी प्रजातियों की मांग सामान्य लेकिन पितृपक्ष के दौरान काली उड़द का महत्व विशेष रहता है। इसलिए तेजी इसमें देखी जा रही है। छिलके वाली उड़द दाल 90 से 110 रुपए किलो और बिना छिलके वाली उड़द की दाल 95 से 125 रुपए किलो पर खरीदी जा रही है। जरूरी खाद्य तेल की सभी किस्में 100 से 160 रुपए किलो पर खरीदी जा सकेंगी।

विशेष मांग इन दोनों में
जनेऊ और कुश का होना पितृपक्ष में अनिवार्य माना जाता है। इसलिए ठहरी हुई कीमत के बीच इनकी खरीदी चालू हो चली है। जनेऊ का बंडल 25 से 100 रुपए जैसी क्रयशक्ति के भीतर कीमत में खरीदा जा सकेगा। कुश में कीमत 5 रुपए से लेकर 10 रुपए बोली जा रही है। इसमें भरपूर उपलब्धता की तैयारी की है बाजार ने।
