बिलासपुर। विष्णुभोग चावल 170 से 180 रुपए किलो। अब खुदरा बाजार भी सौदे से हाथ खींच रहा है क्योंकि उपभोक्ता मांग शून्य पर आ चुकी है। मंदी की धारणा इसलिए नहीं है क्योंकि बोनी का रकबा इस बरस भी कम होने की खबर है।
पहले उपभोक्ताओं ने साथ छोड़ा। अब रिटेल मार्केट यह कहकर नए सौदे से पीछे हट रहा है कि बूते से बाहर है यह कीमत। पहली बार खुदरा बाजार की यह दो टूक उन इकाइयों और होलसेल मार्केट पर भारी पड़ रही है, जो बरसों से विष्णुभोग चावल बनाते और बेचते आ रहे हैं। बढ़ती परेशानी देखकर अब नए बाजार की तलाश की खबरें आ रहीं हैं।

पहले 100, अब 170 से 180 रुपए
2 माह पहले तक विष्णुभोग चावल की खरीदी उपभोक्ताओं ने 100 रुपए किलो पर की थी। अब यह 170 से 180 रुपए किलो जैसी उच्चतम कीमत पर पहुंच चुकी है। क्रयशक्ति से बाहर है प्रति किलो यह दाम। कुछ दिन तो कनकी में मांग रही लेकिन अब इसने भी तेवर दिखाने चालू कर दिए हैं। इसलिए 50 से 55 रुपए किलो की कीमत में कनकी की खरीदी से भी उपभोक्ताओं ने इनकार कर दिया।
रिटेल मार्केट की दो टूक
उपभोक्ता मांग में जोरदार गिरावट ने खुदरा बाजार को जोरदार झटका दिया है। सदमें से कम नहीं थी यह गिरावट। विक्रय से शेष रह गया चावल देखकर अब नए सौदे पर फिलहाल यह कहते हुए ब्रेक लगा दिया है कि कीमत खरीदी की क्षमता से बाहर जा चुकी है। मान-मन्नौवल की स्थितियां हैं नहीं क्योंकि ईकाइयां खुद स्वीकार कर रहीं हैं कि तेजी ने क्रयशक्ति पर प्रतिकूल असर डाला हुआ है।

साथ श्री राम का
विष्णुभोग में रिकॉर्ड तेजी के बाद अब श्री राम और एचएमटी के साथ काली मूंछ चावल में मांग निकलने लगी है। जिसमें क्रमशः प्रति किलो भाव 65 से 70 रुपए, 55 से 60 रुपए और 50 से 55 रुपए बोले जा रहे हैं। आंध्र प्रदेश से आ रहा स्टीम राईस भी उपभोक्ता मांग में आ रहा है। इन प्रजातियों के कनकी और खंडा भी खरीदी के प्रवाह में आ रहें हैं।
