तेवर गर्म उपलों के
गोबर 1100 से 1200 रुपए
भाटापारा। भरोसा बरकरार है गोबर पर। स्वीकार है गोबर खाद में प्रति ट्रॉली 1100 से 1200 रुपए का भाव। ग्रामीण क्षेत्रों में भी यही भाव बना हुआ है। संतुलन बना हुआ है मांग और आपूर्ति के बीच। इसलिए गोबर खाद में गर्मी के आसार जरा कम ही हैं।
उन्नत कृषि तकनीक खूब। उत्पादन बढ़ाने के लाख उपाय लेकिन गोबर और गोबर की खाद की जगह अन्य कोई उपाय और उर्वरक नहीं ले पाया। इसलिए आगामी खरीफ के लिए जरूरतमंद किसानों की मांग डेयरियों और ग्वालों तक पहुंचने लगी है। रुझान बढ़ता देख उपले बनाने के काम की गति धीमी की जाने लगी है।

इसलिए यह भाव
नाइट्रोजन, फॉस्फोरस,पोटेशियम, मैग्नीशियम, आयरन, सल्फर, कॉपर और जिंक जैसे प्रभावशाली पोषक तत्व होते हैं गोबर में। उर्वरा शक्ति बढ़ाते हैं, तो भूमि की जल धारण क्षमता भी बनाए रखने में मदद करते हैं यह पोषक तत्व। पीढ़ियों से चला आ रहा भरोसा बरकरार है। यही वजह है कि पोषक तत्वों से भरपूर गोबर खाद में 1100 से 1200 रुपए प्रति ट्रॉली जैसी कीमत भी किसान स्वीकार कर रहे हैं।

अतिरिक्त मांग क्षेत्र यह
रबी और खरीफ सत्र में तो मांग रहती ही है लेकिन गोबर गैस बनाने वालों की मांग में भी रहता आया है गोबर। उपलों की मांग में भी आश्चर्यजनक बढ़ोतरी देखी जा रही है क्योंकि धार्मिक आयोजन खूब होने लगे हैं। इसके अलावा ऐसी भी संस्थानों की मांग गोबर में निकली हुई है, जो उपलों का ऑनलाइन कारोबार कर रहीं हैं। यही वजह है कि गोबर में प्रति ट्रॉली भाव 1100 से 1200 रुपए बोला जा रहा है।

पूछ-परख चालू
खरीफ सत्र की तैयारी भले ही शुरुआती दौर में हों लेकिन ग्वाले, डेयरियों और गौशालाओं में जरूरतमंद किसानों की पूछताछ ने दस्तक दे दी है। भरपूर है गोबर की उपलब्धता। इसलिए भाव बीते बरस की ही स्थिति में है। तेजी की संभावना इसलिए नहीं है क्योंकि किसानों के पास भी गोबर की खाद पर्याप्त मात्रा में है। अप्रैल मध्य से इसका परिवहन खेतों के लिए करने की योजना किसान बना रहे हैं।
