छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि से डोंगरगढ़ -कबीरधाम- मुंगेली-कटघोरा रेलमार्ग के लिए 300 करोड़ रुपए स्वीकृत

बिलासपुर। रतनपुर से भी रेल की पटरी गुजरने के अंचल के लोगों के सपने को फिर से पंख लगी है। उम्मीद जगी है है कि सब कुछ ठीक रहा तो भू अर्जन की राशि वितरित करने की रुकी प्रक्रिया अब फिर से शुरू हो जाएगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि से इसके लिए तीन सौ करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में गुरुवार को छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 20 वीं बैठक हुई। इसमें विभिन्न खनिज परियोजनाओं एवं अधोसंरचना हेतु राशि स्वीकृत की गई। मुख्यमंत्री श्री साय नेअधिकारियों से खनिज विकास निधि सलाहकार समिति के पूर्व निर्णय सहित राशि के उपयोग की जानकारी ली। बैठक में छत्तीसगढ़ रेलवे कॉरपोरेशन को डोंगरगढ़- कबीरधाम- मुंगेली-कटघोरा रेलमार्ग हेतु भू-अर्जन एवं प्रारंभिक निर्माण कार्य के लिए 300 करोड़ रुपए की राशि दिए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।
गौरतलब है कि केन्द्र सरकार की आर्थिक मामलों की समिति ने 26 सितंबर, 2018 को डोंगरगढ़- कटघोरा रेल परियोजना की स्वीकृति प्रदान की थी। इसके लिए पांच हजार 950 करोड़ रुपए स्वीकृत की है। अक्टूबर 2018 में सरकार ने इसका भूमि पूजन भी कर दिया था। जो अब तक पूरा हो जाना था। परियोजना के तहत कटघोरा से डोंगरगढ़ के बीच लगभग 294.95 किलोमीटर लंबी लाइन का निर्माण किया जाना है।

49 फीसदी हिस्सेदारी छत्तीसगढ़ सरकार की

छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से छत्तीसगढ़ रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीआसीएल) और रेल मंत्रालय ने एक अनुबंध किया है। इसमें छत्तीसगढ़ सरकार की 51 फीसदी और रेल मंत्रालय की 49 फीसदी हिस्सेदारी है। रेलवे बोर्ड ने विशेष रेल परियोजना अधिसूचित कर इसे हरी झंडी दी है। स्पेशल रेल्वे एक्ट 2008 के तहत जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई भी शुरू हो गई थी। अधिग्रहित होने वाली जमीनों के विवरण भी अखबारों में प्रकाशित हो गए थे। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार आने और करोना की महामारी की वजह से परियोजना का काम रुक गया था।

नए रेलवे स्टेशन बनेंगे

कटघोरा से बांधाखार, करतली, नेवसा होकर रतनपुर के रास्ते मुंगेली, कवर्धा,खैरागढ़ होकर डाेंगरगढ़ तक जाएगी। लाइन के निर्माण का मकसद कोयला परिवहन है। केन्द्र सरकार बिलासपुर-नागपुर रेल लाइन पर गाड़ियों का दबाव कम करना चाहती है। इस रेल लाइन में कटघोरा से डोंगरगढ़  के बीच 27 स्थानों पर रेलवे स्टेशन बनाने का प्रावधान है। इसमें कटघोरा- कवर्धा तक 15 जगह और डोंगरगढ़ से राजनांदगांव तक 12 स्थान पर रेलवे स्टेशन बनाया जाना है।