कृषि महाविद्यालय की रासेयो इकाई ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया

बिलासपुर । योग का सही अर्थ जोड़ना है ना कि सिर्फ शारीरिक व्यायाम करना । योग हमारे बिखरे हुए व्यक्तित्व को जोड़ता है। हमारे समाज को भी जोड़ने का काम करता है। योग द्वारा हम महिला सशक्तिकरण के लक्ष्य को प्रबंधित ढंग से प्राप्त कर सकते हैं क्योंकि योग से महिलाएं स्वव्यक्तित्व निर्माण, तनाव और परिवार प्रबंधन में इसका नित्य प्रति उपयोग कर सकती है। यह बात प्रभारी अधिष्ठाता डॉ.एन.के. चौरे ने कही।
बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘महिला सशक्तिकरण के लिए योग’ रखी गई है। परिवार का मुख्य उत्तरदायित्व विशेष रूप से महिलाओं पर ही होता है और वह योग द्वारा इसे और बेहतर ढंग से कर सकती है। डॉ. चौरे ने कहा स्वस्थ और खुशहाल रहने के लिए योग किया जाना चाहिए। कमजोर शारीरिक गतिविधियों की वजह से बिगड़ते स्वास्थ्य को योग, प्राणायाम और योगासन के अभ्यास से सुधारा जा सकता है।
पतंजलि योगपीठ के प्रशिक्षक डॉ. के.के. श्रीवास्तव, निशेष वर्मा, उत्तम अग्रवाल, डॉ. लव श्रीवास्तव, उत्तम उपाध्याय, दिलीप गुप्ता, कृष्णा रायकर ने योगाभ्यास करवाया । डॉ. श्रीवास्तव ने छात्र-छात्राओं एवं प्राध्यापकगण को नियमित रूप से योग करने की शपथ दिलाई. इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के लिए पोस्टर बनाओ, रंगोली एवं योग प्रदर्शन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. टी.डी. पांडे, आर.के.एस.तोमर, संजय कुमार वर्मा, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी अजीत विलियम्स, दिनेश पांडे, एनसीसी अधिकारी ले. रोशन परिहार, धजाराम कश्यप, पवन कौशिक, सूरज दास मानिकपुरी, गोरेलाल थवाईत सहित छात्र -छात्राओं का सहयोग रहा।