लव इन टोक्यो नहीं… लव इन क्योटो
रवीश कुमार के फेसबुक वाल से
अपने लैपटॉप को साक्षी मान कर ओंकार और निकिता ने शादी कर ली। ऑनलाइन शादी। पंडित अमरीका से शादी करा रहे थे।वर-वधू जापान में थे। जिस कमरे में थे वहाँ दो ही बाराती थे। दोनों ही निकिता के साथी और प्रोफ़ेसर थे। वर के साथ कोई नहीं था।मैं दोनों को नहीं जानता लेकिन ओंकार के एक मैसेज के कारण जानने लगा हूँ। तीन चार दिनों से।ओंकार ने बड़ा भाई मानकर संदेशा भेजा कि वह निकिता से शादी कर रहा है। अगर मैं भी ऑनलाइन जुड़ सकूँ तो ख़ुशी होगी। उत्साह में मैं एक दिन पहले जुड़ गया तब ओंकार अकेला बैठा था और जिस दिन शादी थी,उस दिन देर से लिंक चटकाया तो शादी हो चुकी थी।
रविश कुमार के फेसबुक वाल से
लव इन टोक्यो नहीं..लव इन क्योटो
आज ओंकार ने शादी की ढेर सारी तस्वीरें भेजी हैं। तस्वीरों को देखते हुए काफ़ी मज़ा आया। दोनों कभी ख़ुश तो कभी बोर नज़र आ रहे थे। ऑनलाइन क्लास या ज़ूम मीटिंग की तरह शादी हो गई है। दोनों का फ़ैसला था कि शादी में दिखावा होगा न ख़र्चा होगा। हम लोग जिस समाज से आते हैं हर घर में इसकी सड़न है।अलग-अलग तर्क से लोग ढँकते रहते हैं। इन दोनों ने कितना शानदार फ़ैसला किया है। खुल कर जीने का।
इस तरह की शादी को कोविड के दौर में दर्ज किया जाना चाहिए। कोविड ने शादी के आतंक को कम तो किया ही है। कोविड न भी होता तो ओंकार इसी तरह से शादी करते। ओंकार और निकिता जैसे लोग इस दुनिया में हैं जो हमारे भ्रष्ट समाज के बीच कम ख़र्चे में शादी करने की हिम्मत रखते हैं।
ख़ुशी की बात है कि दोनों की ज़िंदगी बिना किसी अपराध बोध के शुरू हो रही है। लेन-देन की अनैतिकता से मुक्त। बाक़ी चीज़ सामान तो ख़रीद ही लेंगे या होगा ही। मेरी नीरस ज़िंदगी ऐसे ही ख़ुशनुमा संदेशों से गुलज़ार होती रहती है। अच्छा नहीं लगता कि हर मैसेज को कहानी बनाकर पेश करूँ लेकिन कई बार लगता है कि कहीं दर्ज करना चाहिए। मुश्किल एक ही है ये मैं वाला भाव जो आता है न, उससे मुझी को चिढ़ हो जाती है।
तो आप लोग भी ओंकार और निकिता को बधाई दें। ऐसी cool शादी के लिए। cute जोड़े के लिए।
ओंकार का यह मैसेज था…..जब उसने मुझे निमंत्रित किया था….
रविश सर, प्रणाम 🙏
मैं आपका छोटा भाई ओंकार कृष्ण, वर्तमान में मैं जापान के क्योटो शहर में रहता हूँ, कल मैं बिहार के मिथिला की निकिता जी से विवाह के बंधन में बंधने जा रहा, शादी का सारा कार्यक्रम ऑनलाइन माध्यम से होगा, वर-वधू दोनो जापान से और उनके माता पिता और मित्र भारत से ऑनलाइन माध्यम से जुड़ेंगे। इस शादी में हमने ख़ास ख़्याल रखा है की कम से कम पैसे खर्च हो (अनुमानित लागत 10000 रुपए) और किसी भी तरह का कोई दहेज ना लिया ना दिया गया है।इस तरह से शादी करने के पीछे हमारा उद्देश्य लोगों को ये संदेश देना की बिना दिखावे शोर-शराबें के भी विवाह बंधन में बंधा जा सकता है।

