मिला साथ सूजी, मैदा और दलिया का
बिलासपुर। गेहूं न्यूनतम 22 से 25 रुपए किलो। अधिकतम 30 से 35 रुपए किलो लेकिन हैरत में डाल रही है आटा की कीमत। साथ मिल रहा है, सूजी, मैदा और दलिया का क्योंकि अब यह भी गर्म होने लगे हैं।
परिपक्वता के दौर में पहुंची गेहूं की फसल में बेमौसम बारिश का असर अब आटा पर दिखाई देने लगा है। बेहतर गुणवत्ता वाली गेहूं की कीमत जिस तरह बढ़ी हुई है, उसके बाद आटा, सूजी, मैदा और दलिया की प्रति किलो कीमत में 2 से 5 रुपए किलो की तेजी आ चुकी है। आसार आगे भी तेजी के बने हुए हैं क्योंकि घरेलू मांग का दबाव बढ़ा हुआ है।

गर्मी बरकरार गेहूं में
खुले बाजार में गेहूं न्यूनतम 22 से 25 रुपए किलो। अधिकतम 30 से 35 रुपए किलो। यह कीमत, तब बोली जा रही है, जब प्रांगण में 1900 से 2300 रुपए क्विंटल पर गेहूं की खरीदी हो रही है। गुणवत्ता अपेक्षाकृत कमजोर है लेकिन मंदी की संभावना फिलहाल नजर नहीं आ रही है क्योंकि मांग की तुलना में प्रांगण में आवक कमजोर है। ऐसे में खुले बाजार में मध्य प्रदेश से आ रहा गेहूं मांग के दबाव में है।

असर आटा में
गेहूं में जैसी गर्मी आई हुई है, उसके बाद खुदरा बाजार में आटा प्रति किलो 40 रुपए पर पहुंच गया है। सूजी 45 से 50 रुपए किलो पर पहुंचा हुआ है। दलिया में 40 से 45 रुपए किलो पर खरीदी हो रही है। पैक्ड आटा 5 किलो की खरीदी, उपभोक्ताओं को 105 से 165 रुपए में करनी पड़ रही है। पैक्ड सूजी 400 ग्राम की खरीदी 20 रुपए, तो मैदा 400 ग्राम का पैक 30 रुपए में खरीदना होगा। दलिया में भाव 30 से 40 रुपए पर स्थिर है।

दबाव में मध्य प्रदेश
विदिशा, सीहोर और खुरई। मध्य प्रदेश के यह तीन ऐसे क्षेत्र है, जिन्हें गेहूं के लिए जाना जाता है। गेहूं के लिए मांग का दबाव इन तीनों पर देखा जाना, इसलिए तय माना जा रहा है क्योंकि छत्तीसगढ़ की गेहूं की फसल पर असमय बारिश ने जबरदस्त कहर बरपाया है। लगभग निम्न गुणवत्ता वाले गेंहू की हो रही आवक के बाद उपभोक्ता मांग का प्रवाह मध्य प्रदेश की उपज की ओर जा चुका है। ऐसी स्थिति में भाव में मंदी की संभावना नहीं के बराबर ही है।
