गेहूं में गुणवत्ता पर कड़ी नजर
भाटापारा। बढ़ रही है आवक लेकिन ठहरी हुई है कीमत। गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर के बाद गेहूं में निम्नतम 1900 रुपए और उच्चतम 2300 रुपए क्विंटल पर सौदे हो रहे हैं।
गेहूं में नई फसल की आवक तो शुरू हो गई है लेकिन सौदे बेहद सावधानी के साथ हो रहे हैं क्योंकि तैयार हो रही फसल के दौरान मौसम ने जैसा रूप दिखाया, उसने गुणवत्ता पर गहरा असर डाला। सो कीमत कम बोली जा रही है। असर उन किसानों पर भी देखा जा रहा है, जिन्होंने बड़े रकबे में गेहूं की फसल ली हुई थी।

उच्चतम और न्यूनतम
बेहतर फसल मानी जा रही थी इस बरस गेहूं की। उत्पादन का बढ़ना भी तय माना जा रहा था लेकिन तेज हवा के साथ बादल और बारिश ने परिपक्वता अवधि के अंतिम दौर में पहुंच चुकी फसल को बेतरह नुकसान पहुंचाया। अब हो रही आवक के बीच गुणवत्ता की जांच-परख के बाद न्यूनतम कीमत 1900 रुपए और उच्चतम कीमत 2300 रुपए क्विंटल बोली जा रही है।

निकली खरीदी इनकी
विशाखापट्टनम के लिए प्रांगण से गेहूं की खरीदी का दौर चालू हो चुका है। इसके अलावा फ्लोर मिलों की भी ज़रूरतें निकली हुई है। अंत में पशु आहार बनाने वाली इकाइयां गेहूं की खरीदी कर रहीं हैं। यह इसलिए क्योंकि घरेलू मांग के लिए जरूरी गुणवत्ता वाले गेहूं की आवक कम मात्रा में ही हो रही है।

ऐसी है धारणा
गेहूं की नई फसल में जो भाव बोले जा रहे हैं, उसमें आने वाले दिनों में तेजी की संभावना से इनकार किया जा रहा है क्योंकि प्रतिकूल मौसम से स्थानीय फसल की गुणवत्ता को बेहद नुकसान पहुंचा है। इसलिए निकट भविष्य में मध्य प्रदेश से आने वाली गेहूं पर मांग का दबाव बढ़ने की संभावना है।
