सामान्य दाल चावल में तेजी से कम हो रही खरीदी



भाटापारा। उपभोक्ता मांग का प्रवाह अब खंडा चावल और खंडा दाल की ओर जा रहा है। सामान्य की तुलना में इन दोनों की कीमत, क्रय शक्ति के भीतर ही है लेकिन मांग को देखते हुए, तेजी की धारणा इनमें भी व्यक्त की जाने लगी है।

खंडा चावल और खंडा दाल। हमेशा से मांग में रहते आए हैं लेकिन पहला साल है, जब इन दोनों में मांग दिन-ब-दिन बढ़ रही है। रही बात बाजार में हिस्सेदारी की, तो यह किस्म, सामान्य से कहीं अधिक बढ़ा चुकी है। बढ़ती मांग और बढ़ती हिस्सेदारी को देखते हुए रिटेल काउंटर इनकी ही मांग कर रहे हैं। आपूर्ति सामान्य ही है।

90 से 125 रुपए

अरहर दाल 163 से 165 रुपए किलो। आउटर एरिया में 175 से 180 रुपए। असामान्य रूप से बढ़ी हुई यह कीमत, उपभोक्ता ही नहीं, विक्रेताओं को भी हैरानी में डाली हुई है। लिहाजा उपभोक्ता मांग का प्रवाह, अब अरहर खंडा दाल की ओर बढ़ने लगा है। यह 90 से 125 रुपए किलो पर उपभोक्ताओं तक पहुंच रही है लेकिन इकाईयों तक पहुंच रही अरहर की कीमत भी बढ़ रही है। इसलिए तेजी की आशंका अब खंडा दाल में भी बनने लगी है।

विष्णु भोग के तेवर यहां भी

बारीक चावल में आ रही तेजी के बाद, अब यहां भी खंडा चावल की मांग बढ़ने लगी है। तेज तो है कीमत, लेकिन क्रय शक्ति के भीतर ही है। बढ़त लेते भाव के बीच विष्णुभोग खंडा चावल 36 से 40 रुपए किलो पर रिटेल काउंटर में उपलब्ध है। सियाराम खंडा चावल 34 से 45 रुपए किलो और एचएमटी का खंडा चावल 36 से 40 रुपए किलो बोला जा रहा है लेकिन बढ़त की आशंका इनमें भी बरकरार है।

हिस्सेदारी हुई 70 फ़ीसदी

कीमत में जैसी तेजी आ रही है, उसके बाद दाल और चावल के कुल बाजार में खंडा ने 70 फ़ीसदी हिस्सेदारी अपने नाम कर ली है। ऐसे में कीमत अब इनमें बढ़ने लगी है। परेशानी विक्रेताओं की तब और बढ़ जा रही है, जब घंटे भर बाद ही नई कीमत आ जाती है। ऐसे में उपभोक्ताओं की संख्या और खरीदी की मात्रा कमजोर होने जैसी समस्या से भी जूझ रहा है बाजार।

By MIG