दम दिखा रहे सियाराम और एचएमटी
बिलासपुर। दलहन के बाद अब चावल में गर्मी का दौर शुरू हो चला है। यह शादियों का सीजन खत्म होने तक बने रहने की संभावना है लेकिन बारीक किस्मों के चावल में शायद यह पहली बार ऐसा होगा, जब विष्णु भोग रिकॉर्ड 82 से 84 रुपए किलो की दर पर बिक रहा है।
चावल में आ रही उबाल से खुदरा बाजार ही नहीं, उपभोक्ता भी परेशान होता नजर आ रहा है क्योंकि खरीदी की शक्ति से बाहर होती जा रही है कीमत। मांग में रहने वाली चावल की तीनों किस्मों के भाव, जैसे बढ़त ले रहे हैं, उसके बाद खंडा या कनकी की खरीदी की ओर उपभोक्ता मांग जा रही है।

तेवर विष्णुभोग के
चावल की बारीक किस्मों में विष्णुभोग अलग ही पहचान रखता है। बढ़ती उपभोक्ता मांग के बाद खुदरा बाजार में इसकी प्रति किलो कीमत 82 से 84 रुपए पर पहुंच चुकी है। दूसरे स्थान पर रहने वाला सियाराम 60 से 65 रुपए प्रति किलो की दर पर पहुंचा हुआ है। सर्व सुलभ और मांग में हमेशा बना रहने वाला एचएमटी चावल पहली बार 55 से 60 रुपए किलो पर पहुंच चुका है। गर्मी के आसार, तीनों किस्मों में बने रहने के हैं।
बारीक धान में ऐसी स्थिति
मोटा धान का बढ़ता रकबा और बारीक में घटता रुझान। बड़ी वजह मानी जा रही है तेजी के पीछे। बेहद कमजोर आवक के बीच धान विष्णुभोग 3100 से 3200 रुपए क्विंटल पर ठहरा हुआ है। जबकि एचएमटी में 2800 से 2850 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर सौदे हो रहे हैं। सियाराम धान 3000 रुपए क्विंटल जैसी कीमत के साथ आने वाले दिनों में भी मजबूती का संकेत दे रहा हैं।

ऐसी है धारणा
मोटा धान का हर बरस बढ़ता समर्थन मूल्य। यह मूल्य बारीक से आगे जा चुका है। ऐसे में किसानों का रुझान तेजी से बारीक की बजाय मोटा धान की फसल लेने की ओर बढ़ रहा है। इसलिए मांग के अनुरूप चावल बनाने वाली इकाइयों को बारीक धान के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है क्योंकि चावल में मांग का दबाव पूर्ववत स्तर पर है। इसलिए बारीक चावल में कीमत बढ़ी हुई होने की धारणा है।
