कम पानी में तैयार होने वाली गेहूं की नई प्रजाति तैयार
बिलासपुर। ताप और सूखा सहनशील। कम सिंचाई में बेहतर परिणाम। सीजी-1040 मावंती नामक गेहूं की नई किस्म को केंद्रीय बीज समिति ने अधिसूचित कर दिया है। छत्तीसगढ़ के किसानों को इस नई प्रजाति के बीज अगले रबी सत्र से मिलने लगेंगे।
प्रतीक्षा की घड़ियां समाप्त हुईं। प्रदेश के मौसम को ध्यान में रखते हुए बीटीसी कॉलेज ऑफ़ एग्रीकल्चर एंड रिसर्च स्टेशन में तैयार गेहूं की नई प्रजाति में अनेक ऐसी विशेषताएं हैं, जो कई तरह की प्राकृतिक समस्याएं दूर करतीं हैं। याने गेहूं किसान अब चिंता मुक्त होकर गेहूं की फसल ले सकेंगे।
चपाती के लिए सर्वोत्तम
सीजी-1040 मावंती। 11.03% प्रोटीन के साथ यह नई प्रजाति, रोटी के लिए सर्वोत्तम मानी गई है। 1000 दानों का वजन 47 ग्राम पाया गया है, जो अन्य प्रजातियों की तुलना में कहीं ज्यादा है। यह गुण, इसे चपाती गुणवत्ता सूचकांक 8.05/ 10 पर मजबूती के साथ रखता है।

जानिए सीजी-1040 मावंती को
115 दिन परिपक्वता अवधि के भीतर तैयार होने वाली मावंती का औसत उत्पादन 42.07 क्विंटल प्रति हेक्टेयर पाया गया है। जबकि उत्पादन क्षमता 65.06 क्विंटल प्रति हेक्टेयर मानी गई है। बोनी के 65 दिन उपरांत इसमें पुष्प लगते हैं। पौधों की ऊंचाई 89 सेंटीमीटर होती है। मजबूत तना और गठी हुई बालियों वाली मावंती को ताप और सूखा सहनशील होना पाया गया है। सबसे अहम गुण यह है कि नई प्रजाति कम सिंचाई में भी तैयार हो जाती है।

इन राज्यों के लिए अधिसूचित
केंद्रीय बीज समिति ने सीजी 1040 मावंती को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और राजस्थान के कोटा, उदयपुर संभाग के साथ उत्तर प्रदेश के झांसी डिविजन के लिए अधिसूचित कर दिया है। खुली परागण वाली मावंती छत्तीसगढ़ की गेहूं की प्रजाति है, जिसे केंद्रीय बीज समिति से अधिसूचित किया गया है।

अगले सत्र से उपलब्ध होंगे
सीजी 1040 मावंती बीटीसी कॉलेज ऑफ़ एग्रीकल्चर एंड रिसर्च स्टेशन में तैयार की गई ऐसी प्रजाति है, जिसे केंद्रीय बीज समिति ने अधिसूचित किया है। आगामी रबी सत्र से गेहूं किसानों को इसके बीज मिलने लगेंगे।
-डा. ए पी अग्रवाल, प्रिंसिपल साइंटिस्ट (गेहूं),बीटीसी कॉलेज ऑफ़ एग्री एंड रिसर्च स्टेशन, बिलासपुर
