खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों का संचालन हो रहा बाधित
भाटापारा। 2400 से 2500 रुपए क्विंटल। हैरत में डाल रही है महामाया धान की यह कीमत। लेकिन संचालन में नियमितता बनाए रखना है इसलिए विवशता में पोहा मिलें यह भाव स्वीकार कर रहीं हैं। ऐसा ही हाल उन चावल मिलों का है, जो बारीक धान की खरीदी करतीं हैं। बारीक धान की उपलब्ध तीनों प्रजातियां आसमान को छू रहीं हैं।
समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी बंद हो चुकी है। ऐसे में उम्मीद थी कि आवक बढ़ेगी और भाव टूटेंगे। हालांकि नियमित संचालन के लिए डी ओ दिए जाने की सुविधा दी गई थी लेकिन बीते कुछ दिनों से इसमें रोक लगा दी गई है। ऐसे में प्रांगण में आने वाली उपज ही सहारा है लेकिन मांग के अनुरूप आवक को पर्याप्त नहीं माना जा रहा है। इसलिए नियमित संचालन में रुकावट की स्थिति बन रही है।

परेशान कर रही है कीमत
कमजोर आवक और डी ओ के काटे जाने पर रोक। यह दोनों स्थितियां पोहा मिलों को परेशान कर रहीं हैंं। क्योंकि 2400 से 2500 रूपए क्विंटल पर खरीदी के बाद तैयार उत्पादन के लिए बाजार नहीं मिल रहा है। यह इसलिए क्योंकि पोहा की कीमत स्वाभाविक रूप से बढ़ जा रही है। राहत की संभावना नहीं है लिहाजा संचालन अवधि कम करने की कोशिश पोहा मिलें करने लगीं हैं।

मजबूती बारीक में भी
पहले से ही तेजी में खरीदी की जा रही है बारीक धान की लेकिन अब यह और भी बढ़त की राह पर है। एचएमटी नया 2700 से 2800 रुपए, तो पुराना में भाव 2800 से 2900 रुपए पर पहुंच चुका है। श्रीराम में खरीदी 3000 रुपए क्विंटल की दर पर करने विवश हैं चावल मिलें। नया विष्णु भोग धान 3450 रुपए, तो पुराना में भाव पहली बार 3700 रुपए क्विंटल पर जा चुका है।

पोहा और चावल
महामाया में जैसी गर्मी बनी हुई है, उसने पोहा को भी प्रभावित किया हुआ है। औसत दर्जे का पोहा 3800 से 4000 रुपए, तो बेस्ट क्वालिटी पोहा में भाव रिकॉर्ड 4400 से 4500 रुपए क्विंटल तक चलने की खबर आ रही है। बारीक धान में तेजी के बाद एचएमटी चावल 5300 से 5400 रुपए क्विंटल, श्री राम चावल 6000 से 6100 रुपए क्विंटल और विष्णु भोग चावल की कीमत 6500 से 6800 रुपए क्विंटल पर मजबूत है।
