महुआ में आगे भी तेजी की धारणा नहीं


रायपुर। रिकॉर्ड फसल टूटती कीमत के रूप में सामने आ रहा है। समर्थन मूल्य से काफी नीचे खरीदे जा रहे महुआ की नई कीमत संग्राहकों को इस बरस ताजा खुला 2200 रुपए क्विंटल का भाव नुकसान पहुंचा सकता है।

वनोपज में शीर्ष पर रहने वाला महुआ जोरदार फसल का संदेश लेकर बाजार में पहुंच चुका है। आवक होने लगी है। जिस कीमत पर श्रीगणेश हुआ है, उससे पहली बार वनोपज कारोबार भी हैरत में है क्योंकि शुरुआती कीमत का अंदेशा उन्हें भी नहीं था। फसल की जैसी स्थिति है, उसे देखते हुए आने वाले दिन ज्यादा तेजी के नहीं होंगे। ऐसी धारणा लेकर चल रहा है, महुआ का कारोबारी जगत।

बनेगा कीर्तिमान

बस्तर, सरगुजा, रायगढ़ और जशपुर का क्षेत्र इस बरस महुआ उत्पादन का नया कीर्तिमान बना सकता है क्योंकि इन क्षेत्रों में न सिर्फ बंपर फसल तैयार हो चुकी है बल्कि गिरे हुए सूखे पत्तों को जलाना चालू हो चुका है ताकि संग्रहण में आसानी रहे और समय रहते फसल बाजार तक पहुंच सके।

यहां से शुरू आवक

गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, रायपुर और दुर्ग जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों से महुआ की नई फसल की आवक शुरू हो चुकी है। यह आहिस्ता-आहिस्ता बढ़त लेती नजर आ रही है। इसके अलावा बेमेतरा और बालोद जिले से भी छिटपुट आवक हो रही है। बिलासपुर, जांजगीर, कोरबा, सक्ती और बलौदा बाजार से भी बहुत जल्द आवक शुरू होने की खबर आ रही है।

मुहूर्त सौदा इस भाव पर

रायपुर, बिलासपुर और जशपुर। यह तीन शहर जाने जाते हैं, महुआ के अंतर प्रांतीय कारोबार के लिए। यहां पहुंच रही महुआ की आवक को 2200 रुपए क्विंटल की कीमत में खरीदा जा रहा है। कारोबारी क्षेत्र खुद हैरान है कि अंतर प्रांतीय खरीदी ज्यादा कीमत में नहीं हो रही है, लिहाजा इसी भाव पर सौदे किए जा रहे हैं।

रिकॉर्ड फसल

प्रदेश में इस बार महुआ की फसल काफी अच्छी है लेकिन ऊपरी सौदे की कीमत बेहद कम है। इसलिए भाव कम है।
– सुभाष अग्रवाल, एसपी इंडस्ट्रीज, रायपुर