उपभोक्ता मांग हुई दोगुनी
बिलासपुर। उपभोक्ता मांग की रफ्तार आगे भी ऐसी ही बनी रही, तो गार्डन पाइप में बिक्री का नया कीर्तिमान बन सकता है। यह संभावना इसलिए प्रबल होती नजर आ रही है क्योंकि निर्माण कार्य दिन-ब-दिन बढ़ रहे हैं। इसके अलावा ग्रीष्म ऋतु की दस्तक से घरेलू मांग ने भी जोर पकड़ना चालू कर दिया है।
महामारी के दिन गुजरने के बाद प्लास्टिक में आई तेजी फिर से टूटने लगी है। इससे वह उपभोक्ता वर्ग खरीदी के लिए निकलने लगा है, जिसे आगत गर्मी में पानी संचय करना है। इसके अलावा निर्माण क्षेत्र जैसी बड़ी मांग वाला उपभोक्ता भी बाजार पहुंचने लगा हैं। इससे गार्डन पाइप के होलसेल और रिटेल काउंटर हैरत में हैं क्योंकि मांग एकदम से दोगुनी हो चली है।
कीमत में 20 प्रतिशत की टूट
कच्चा तेल में आ रही गिरावट के बाद इससे बनने वाली प्लास्टिक की सभी सामग्रियां मंदी के बीच बनाई जा रहीं हैं। मंदी का यह असर गार्डन पाइप बनाने वाली यूनिटों पर भी देखा जा रहा है। प्रमुख निर्माण सामग्री की कीमत घटने से बन रही गार्डन पाइप की पहुंच उपभोक्ताओं तक 20 प्रतिशत सस्ते में हो रही है। मंदी के आसार आने वाले दिनों में भी बने रहने की चर्चा है।

निर्माण क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा
गुजरात और कर्नाटक पर निर्भर था अपना प्रदेश। अब राजधानी और न्यायधानी में भी गार्डन पाइप बनाने वाली यूनिटें संचालन में आ गई हैं। इससे इस क्षेत्र में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल बना हुआ है। लिहाजा कम कीमत में बेहतर गुणवत्तायुक्त इस सामग्री की पहुंच उपभोक्ताओं तक आसानी से हो रही है।
उपभोक्ता और कीमत
भवन निर्माण क्षेत्र। घरेलू जरूरत पूरी करने के लिए खरीदने वाला परंपरागत मांग क्षेत्र माना जाता रहा है। ऐसे उपभोक्ताओं की मांग में पहली बार बढ़त देखी जा रही है, जिन्होंने बड़े भू-भाग में गार्डन लगा रखा है। 20 प्रतिशत टूट के बाद इन उपभोक्ताओं तक 90 से 100 फीट का बंडल 700 से 1200 रुपए में पहुंच रहा है।

उपभोक्ता मांग दोगुनी
कच्चे तेल की कीमत घटने से उत्पादन लागत में कमी आई है। इसलिए गार्डन पाइप की कीमत टूट रही है। यही वजह है कि मांग लगभग दोगुनी हो चुकी है।
-मोहन बजाज, बजाज रस्सीवाला, बिलासपुर
