मुरमुरा दिखा रहा गर्मी
लाई के तेवर तीखे
भाटापारा। शांत है उपभोक्ता मांग लेकिन जैसी तेजी, लाई और मुरमुरा में आ रही है, उससे बाजार हैरत में आ चुका है। संकेत, आने वाले दिनों में तेजी के ही बने रहने के मिल रहे हैं।
धान की कीमत जैसे-जैसे बढ़ रही है, असर घरेलू बाजार पर नजर आने लगा है। सबसे पहले चावल की बढ़ती कीमत के रूप में देखा गया। दूसरा असर पोहा में आई गर्मी के रूप में देखा जा रहा है। अब बारी है मुरमुरा और लाई की, जहां किलो पीछे कीमत 5 से 7 रुपए बढ़ चुकी है।
45 नहीं 50
50 रुपए किलो। मकर संक्रांति के मौके पर 45 रुपए किलो पर चलने वाला मुरमुरा, अब 50 रुपए किलो पर पहुंच गया है। पूरे साल मांग में रहने वाले मुरमुरा की इस नई कीमत से उपभोक्ता मांग में स्थिरता के संकेत मिलने लगे हैं। लेकिन कीमत के घटने के आसार फिलहाल नहीं हैं।

शून्य मांग लाई में
श्री गणेश चतुर्थी से दीपावली तक मांग में रहने वाली लाई के लिए ताजा समय ऑफ सीजन का है लेकिन 60 रुपए किलो की नई कीमत से बाजार हतप्रभ है क्योंकि थोड़ी बहुत मांग, मंदिर- देवालयों से है, जिस पर यह तेजी गहरा असर डाल रही है।

इसलिए तेजी
सफरी। धान की इस प्रजाति से ही मुरमुरा और लाई बनाई जाती है। नई प्रजातियों की पहुंच के बाद सफरी धान की खेती का रकबा घटते क्रम पर है। लिहाजा मांग की तुलना में कमजोर आपूर्ति की वजह से सफरी धान की खरीदी, यूनिटों को 1600 से 1750 रुपए क्विंटल पर करनी पड़ रही है। इसमें चालू सप्ताह में 100 से 150 रुपए की तेजी आ चुकी है।
