रक्तचाप, थायराइड, मोटापा, गठिया और एनीमिया जैसे रोगों से बचाव में कारगर
बिलासपुर। तंदुरुस्त और सेहतमंद। जरूरी खाद्य सामग्रियों की सूची में कोदो को स्मार्ट फूड के रूप में शामिल कर लिया गया है। यह इसलिए क्योंकि इसमें कई ऐसे औषधीय तत्व मिले हैं जो इसे अहम बनाते हैं।
मिलेट मिशन- 2023 में अब कोदो का नाम शिखर पर होगा। मधुमेह पर काबू पाने में मिली सफलता के बाद अब इसे रक्तचाप, थायराइड, मोटापा, गठिया और एनीमिया जैसे रोगों से बचाव में भी अहम माना जा रहा है। यही वजह है कि मोटा अनाज में इसके सेवन का क्षेत्र नित नया फैलाव ले रहा है।

इसलिए स्मार्ट फूड
2005 में फूड केमेस्ट्री नामक जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार कोदो में फाइबर की मात्रा आश्चर्यजनक रूप में बहुत ज्यादा होते हैं। इसकी वजह से यह मोटापा रोकने में सक्षम है, तो 2014 में प्रकाशित हीलिंग एडिशन ऑफ द नॉर्थ वेस्टर्न हिमालयाज के अनुसार इसमें मिला तत्व खराब कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रण में रखता है। फोलिक एसिड, वैनिलिक एसिड और सिरींजिक एसिड की मात्रा की भी जानकारी मिली है। इन तत्वों की वजह से ही शरीर का वजन प्रबंधन में भी सक्षम है कोदो।

फसल इन राज्यों में
देश में कोदो की व्यावसायिक खेती के लिए महाराष्ट्र, उत्तरी कर्नाटक, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ को पहचाना जाता है। दक्कन के पठार को छोड़कर देश के अन्य हिस्सों में बेहद छोटे रकबे में इसकी खेती हो रही है। विदेशों में कोदो की फसल लेने वालों में फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, थाईलैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसे देश मुख्य हैं।

सूखा रोधी
आदिवासी क्षेत्रों की प्रिय फसल मानी जाने वाली कोदो की फसल को सूखा रोधी माना गया है। अनुपजाऊ भूमि पर बगैर रासायनिक खाद के इसे तैयार किया जा सकता है। इसके अलावा कोदो की पहचान सबसे कम पानी की जरूरत वाली फसल के रूप में होती है। धान के पौधों की ही तरह दिखने वाले कोदो के पौधे की औसत ऊंचाई 60 से 90 सेंटीमीटर होती है। दाने चमकीले और रंग श्यामल होता है।

कई तरह की खाद्य सामग्री
खानपान की शैली जिस तरह बदलाव ले रही है उसके बाद आहार वैज्ञानिकों ने प्रयोग के बाद कोदो राइस से खीर को सबसे सरल और सफल माना है। इसके अलावा चीला, घरेलू व्यंजन और सूप जैसा लोकप्रिय आहार भी बनाया जा सकता है। दिलचस्प यह कि कोदो का हर रूप किसी ना किसी रोग के रोकथाम में सक्षम है।

उच्च फाईबर
कोदो में उच्च फाईबर है जिससे यह वजन को बढ़ने से रोकता है इसके अलावा कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को नियंत्रण में रखता है और वजन घटाने व प्रबंधन में मदद करता है।उच्च रक्तचाप और उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर से पीड़ित महिलाओं के लिए कोदो बहुत फायदेमंद है।
-डा. अजित विलियम्स, साइंटिस्ट, फारेस्ट्री, टी सी बी कालेज ऑफ एग्री एंड रिसर्च स्टेशन, बिलासपुर
