2700 रुपए क्विंटल, नासिक की निकली खरीदी
तीन जिलों से हो रही आवक
भाटापारा। तेज। और तेज होगा कोदो। गुणों की पहचान और महत्व की जानकारी होने के बाद कीमत, जैसी बढ़ रही है उसने उत्पादक किसानों को चकित कर दिया है। इसलिए फसल का रकबा बढ़त लेने के संकेत अभी से मिलने लगे हैं।
2023 को अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष के रूप में लिए जाने के बाद कोदो, कुटकी, रागी, सांवा सहित ऐसे मोटे अनाज की फसल लेने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसमें पौष्टिक तत्वों की भरमार है। देश ही नहीं, विदेशों में भी मांग के बाद इनकी कीमत जैसी बढ़ रही है, उससे किसान हैरत में हैं। शायद यह पहला साल होगा जब मोटा अनाज की श्रेणी के शिखर पर बने रहने वाले कोदो में रिकॉर्ड तेजी आ रही है। संकेत आगे भी ऐसी ही स्थिति के बने रहने के मिल रहें हैं।

यहां से आवक
औषधीय गुणों की पहचान के बाद कोदो की खेती का रकबा बढ़ रहा है लेकिन अंबिकापुर, कवर्धा और कोरबा जिले से जैसी आवक हो रही है, उससे मंडी प्रशासन और खरीदी कर रहीं मिलें हैरत में हैं। अच्छी कीमत में हो रहे सौदे के बीच कारोबारी सप्ताह के पहले दिन लगभग 100 कट्टा कोदो की आवक का अनुमान है।
नासिक की खरीदी
कुल आवक का लगभग 60 फ़ीसदी हिस्सा, इस समय महाराष्ट्र का नासिक खरीद रहा है। भाटापारा मंडी से बेमेतरा जिले की यूनिटों की भी खरीदी बनी हुई है। साथ ही स्थानीय इकाईयां भी सौदे कर रहीं हैं। इस तरह प्रतिस्पर्धी माहौल में हो रही खरीदी से भाव, तेजी लिए हुए हैं। इसमें गर्मी के संकेत मिल रहे हैं।

भाव उड़ा रहा होश
उपभोक्ता मांग में इजाफा की वजह से तेजी के माहौल में हो रही खरीदी ने कोदो की कीमत 2700 से 2800 रुपए क्विंटल पर पहुंचा दी है। सप्लाई लाइन को अभी भी अपेक्षित नहीं माना जा रहा है। इसलिए होश उड़ाने वाली यह कीमत आने वाले दिनों में भी बने रहने के बताए जा रहे हैं।
