दलहन स्थिर, तिलहन में गर्मी
भाटापारा। तेजी के लंबे दौर के बाद महामाया धान की कीमत अब घटते क्रम पर है। अलबत्ता बारीक धान में मजबूती के संकेत मिल रहे हैं। इधर दलहन की सभी किस्में तेजी की राह पर हैं।
इस बरस मानसून ने जैसा साथ दिया उसके बाद धान की पैदावार अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ सकती है। भरपूर आवक के बाद मोटा धान की कीमत लगातार टूट रही है। इधर समर्थन मूल्य पर खरीदी के दिन चालू होने के बाद भी आवक की रफ्तार जैसी बनी हुई है उसे देखते हुए कम से कम एक पखवाड़े तक कीमतों में स्थिति ऐसे ही बने रहने के आसार हैं।

टूट-दर-टूट
रिकॉर्ड फसल। रिकॉर्ड आवक। इन दोनों स्थितियों के बाद कारोबारी सप्ताह के तीसरे दिन धान महामाया की नीलामी 1800 से 2000 रुपए पर हुई। सरना और सफरी में आवक नहीं के बराबर है। महामाया में तेजी की संभावना जोर-शोर से समर्थन मूल्य पर खरीदी बढ़ने पर बन रही है।

बारीक में मजबूती
पर्व की मांग बनी हुई है। शादियों की तारीखें भी करीब आ रहीं हैं। इसलिए बारीक धान में तेजी की प्रबल संभावना है। चावल मिलों की खरीदी के बाद धान विष्णुभोग 3800 रुपए क्विंटल पर मजबूती के साथ जमा हुआ है। सियाराम 2600 रुपए क्विंटल और एचएमटी में 2400 से 2600 रुपए क्विंटल पर खरीदी जारी है।
दलहन में स्थिरता
रबी की हो रही तैयारियों के बीच दलहन की सभी किस्मों में स्थिरता का रुख बना हुआ है। बटरी में 3700 से 3800 रुपए क्विंटल में सौदे हो रहे हैं, तो तिवरा में 3500 से 3600 रुपए पर बिकवाली हो रही है। 3800 से 4200 रुपए क्विंटल पर चना में सौदे से संकेत तेजी के बनते नजर आते हैं। अरहर 6000 से 6500 रुपए क्विंटल पर मजबूती के साथ टिका हुआ है।
सरसों-अलसी मजबूत
तेल मिलों की जैसी मांग निकली हुई है, उसे देखकर सरसों में मजबूती का रुख बना हुआ है। इसमें 6000 रुपए क्विंटल पर लिवाली हो रही है। इधर बोनी की मांग से अलसी 7000 से 10000 रुपए क्विंटल की नई ऊंचाई पर पहुंच चुका है। धारणा तेजी की ही है।

रिकॉर्ड आवक
फसल कटाई के पहले दौर के बाद कृषि उपज मंडी में धान की रिकॉर्ड आवक हो रही है। कारोबारी सूत्रों ने हवाले से मिली जानकारी के अनुसार इसमें आवक 35000 से 40000 कट्टा की हो रही है। आने वाले दिनों में बढ़त के आसार बने रहें हैं।
