अर्जुनी में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई
बलौदा बाजार। संदेह था रंग देखकर। चलित प्रयोगशाला में अखाद्य रंग प्रमाणित होते ही जलेबी फौरन नष्ट करवा दी गई। यहीं पर नहीं रुका प्रशासन। पूछताछ के बाद रंग बेचने वाली संस्थान में भी दबिश दी गई। यहां पकड़ी गयी रंग की बड़ी मात्रा भी नष्ट करवाई गई।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सख्ती दिखानी चालू कर दी है। राज्य चलित खाद्य प्रयोगशाला की पहुंच होने के बाद पहली बार ऐसे क्षेत्र निशाने पर लिया जा रहे हैं, जिन्हें अवांछित कारोबार से अब तक दूर माना जाता रहा है लेकिन चौकसी उस वक्त काम आई, जब अर्जुनी जैसे छोटे से कस्बे में भी मिलावट होता पाया गया।

नष्ट करवाई जलेबी
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मिठाई दुकानों और होटलों की जांच शुरू की। इसमें बाबूलाल होटल में विक्रय की जा रही जलेबी का रंग असामान्य लगा। प्रयोगशाला में जब परीक्षण किया गया, तब रंग का अखाद्य होना पाया गया, लिहाजा जलेबी की कुल मात्रा 16 किलो जब्त करते हुए नष्ट करवा दी गई।
रंग का भी नष्टीकरण
पूछताछ में होटल संचालक ने प्रकाश जैन किराना स्टोर से रंग का खरीदा जाना बताया। लिहाजा किराना स्टोर्स में दबिश देकर जांच की गई। जिसमें 20 बॉक्स अखाद्य रंग मिला। इसे ना केवल नष्ट करवाया गया बल्कि चेतावनी भी दी गई कि भविष्य में दोबारा पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

14 संस्थान, 54 सैंपल
औचक जांच में 54 सैंपल लिए गए। 14 संस्थानों से लिए इन सैंपलों में से 43 सैंपल सही मिले। खाद्य पदार्थों के 11 सैंपल को अमानक पाया गया। इन सभी को नोटिस जारी की जा रही है। समय पर जवाब देने को कहा गया है।
अखाद्य रंगों का उपयोग खाद्य सामग्री में किया जाना पूर्णता प्रतिबंधित है। आज की कार्रवाई में नियमानुसार कार्यवाही की जा कर नष्टीकरण और नोटिस दी गई है।
– उमेश वर्मा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, बलौदा बाजार
