नवंबर-दिसंबर में, चार-चार मुहूर्त



बिलासपुर। विदा लेते 2022 के अंतिम 2 माह में शादियों के लिए महज आठ शुभ मुहूर्त मिलेंगे। महामारी के दो बरस के बाद, मुहूर्त की यह तिथियां शुभ कार्यों के लिए वरदान बनने जा रहीं हैं। थोड़ी परेशानी बजट में इजाफा को लेकर हो सकती है लेकिन प्रतीक्षा है इन तिथियों की।

महामारी के 2 साल बीतने के बाद शादी-ब्याह सहित शुभ कार्यों के लिए बंदिश मुक्त माहौल मिलने जा रहा है। संबंधित कारोबारी क्षेत्र में उत्साह सबसे ज्यादा है क्योंकि यह क्षेत्र लगातार नुकसान में चल रहा था। उम्मीद अच्छे दिन की वापसी की है। थोड़ी चिंता महंगाई को लेकर है लेकिन अच्छी फसल की खबर, बाजार की फिक्र को दूर करने में निश्चित सफल होगी।

नवंबर दिसंबर में आठ

देवउठनी एकादशी 4 नवंबर को है। माना जाता है अबूझ शुभ मुहूर्त, लेकिन सूर्य की चाल से इस तिथि को इस बरस शुभ नहीं माना जा रहा है। माह की 21, 24, 25 और 27 नवंबर की तिथियां शुभ मानी जा रहीं हैं। दिसंबर में भी 2, 7, 8 और 9 दिसंबर की तारीखों को शादियों के लिए शुभ बताया जा रहा है। इस तरह विदा लेते साल 2022 के अंतिम दो महीनों में शादियों के लिए महज 8 तारीखें मिलेंगी।मिलेंगी।

नया परिवर्तन इस क्षेत्र में

निमंत्रण कार्ड। शादियों की तैयारियों की शुरुआत इससे ही होती रही है लेकिन महामारी के दौर में डिजिटल कार्ड के चलन से प्रिंटिंग यूनिटों को काफी नुकसान पहुंचा। यह नया परिवर्तन प्रतिबंध मुक्त माहौल में भी, ना- केवल जारी है बल्कि बढ़ भी रहा है। लिहाजा इस क्षेत्र के पास जो आर्डर पहुंच रहे हैं, उसमें 50 फ़ीसदी की गिरावट आ चुकी है। बढ़त की संभावना नहीं के बराबर है।

बजट में 30 से 35 प्रतिशत की वृद्धि

मंगल भवन। टेंट, कनात और शामियाना, लाइट सहित अन्य जरूरी डेकोरेशन। कपड़ा, आभूषण और किराना सामान की कीमतों में 30 से 35 प्रतिशत की वृद्धि के बाद वैवाहिक आयोजन का हर चरण बढ़ी हुई दर पर पूरा किया जा सकेगा। याने शादियों पर होने वाला खर्च बढ़ा हुआ होगा लेकिन इसे वहन किया जा सकेगा। तैयारियों के लिए हो रही पूछताछ से संकेत ऐसे ही मिल रहे हैं।