पेपर स्ट्रॉ 2 रुपए…भारी महंगा प्लास्टिक का विकल्प

बिलासपुर। कीमत भले ही ज्यादा हो लेकिन इको फ्रेंडली वुडन स्टिक, स्पून और पेपर स्ट्रॉ नजर आने लगे हैं। उपभोक्ता मांग के बीच दिखाई दे रहीं यह सामग्रियां इस बात को जाहिर कर रहीं हैं कि केंद्रीय पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण मंत्रालय की कड़ाई असर दिखाने लगी हैं।

प्लास्टिक पर आदेश को लेकर रियायत का मूड नहीं है। जैसी कड़ाई दिखाई देती है, उसके बाद होलसेल और रिटेल मार्केट ने अनमने मन से नियम का पालन करने की तैयारी चालू कर दी है। तैयारी छोटी मात्रा में लकड़ी के चाकू, कांटा और चम्मच के साथ स्टिक की उपलब्धता के रूप में दिखाई देने लगी है। बाजार का कहना है कि कीमत अपेक्षाकृत लगभग दोगुनी है। इसलिए मांग फिलहाल नहीं के बराबर है। इधर जिम्मेदार जांच एजेंसियां बाजार पर नजर रखे हुए हैं।

पहुंचा पेपर स्ट्रॉ

प्लास्टिक के स्ट्रॉ को लेकर जैसा रुख मंत्रालय ने दिखाया है उसके बाद शॉपिंग मॉल, सुपर बाजार और पॉश एरिया की व्यापारिक संस्थानों में पेपर स्ट्रॉ न केवल विक्रय किया जा रहा है बल्कि कोल्ड ड्रिंक कॉर्नर और जूस सेंटर में इसका उपयोग किया जाना चालू हो चुका है। छोटे मार्केट में पहुंच की राह में फिलहाल कीमत को बड़ी बाधा बताई जा रही है।

यह पहले से ही

नई गाइड लाइन में प्लास्टिक के स्टिक को पूरी तरह चलन से बाहर किए जाने का आदेश है। कीमत यहां भी बाधा बन रही है लेकिन आसान उपलब्धता से झंडा, आइसक्रीम, कुल्फी और ईयर बड्स निर्माण कंपनियां चिंता में नहीं हैं, पर स्वीकार्यता से इन्होंने अभी भी दूरी बनाई हुई है। यहां यह बता देना जरूरी होगा कि प्लास्टिक के स्टिक के आने के पहले तक वुडन स्टिक का ही उपयोग कंपनियां करती रहीं हैं।

ऐसी है कीमत

पेपर स्ट्रॉ ने अपनी पहुंच बाजार में बनानी चालू कर दी है लेकिन खरीदी में अभी भी प्लास्टिक को ही पहले क्रम पर रखा जा रहा है क्योंकि पेपर स्ट्रॉ की कीमत 80 रुपए में 50 नग बताई जा रही है जबकि प्लास्टिक स्ट्रॉ में विक्रय 30 रुपए में किया जा रहा है। कुछ ऐसा ही हाल वुडन स्पून का भी है, जो 10 रुपए में 12 नग के पैकेट में बेचा जा रहा है। प्लास्टिक में यही सामग्री 20 से 30 रुपए में बेची जा रही है।