ठेका कर्मी को हटवाने गृहमंत्री तक से कर डाली फरियाद
बिलासपुर। कोरोना संक्रमण काल में जिन लोगो ने खुद की जान जोखिम में डाल कर शहर की सफाई और सुरक्षा का जिम्मा उठाया उन्हें पुरे देश में अपने अपने तरीके से सम्मानित किया जा रहा तो वहीं बिलासपुर में ठीक इससे उलटा हो रहा है। यहां के जनप्रतिनिधी सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मी और सफाई कर्मी को बदनाम करने में जुटे हुए है। कुछ दिनों पहले बिलासपुर विधायक पाण्डे में तारबाहर और सरकंड़ा थाने की नई भवन के उद्धाटन अवश्र पर पुलिस वाले को खरी खोटी सुनाते हुए एसपी से लेकर हवलदार और सिपाही तक को कोस डाला रिश्वतखोरी और अपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे आरोप लगा कर उन्हें बदनाम कर डाला तो वहीं दुसरी तरफ गुरुवार को एल्डरमैन अजरा खान ने एफ सफाई व्यवस्था में लगे हुए कर्मचारी को बदनाम करते हुए हाथ पकड़ने और मारपीट करने का आरोप लगाते रहें वहीं गौरकरने वाली बाद यह रहा की विधायक पांडेय ने एक ठेका कर्मी को बर्खास्त करने के लिए गृहमंत्री तक को फोन लगा डाली। ऐसे में साफ जाहिर है कि शहर के जनप्रतिनिधियों की सोच किस हद तक गिर गई है। जो एक सफाई कर्मी को हटाने और उसपर एफआईआर दर्ज कराने के लिए अपने राजनितीक पहुँच के साथ एड़ी चोटी का दम लगा रहें है। जबकि ये वहीं सफाईकर्मी है। जो कोरोना के शुरुवात में जब जनता और नेता अपने घरों में थी तो अपनी जान जोखिम में डाल गली मोहल्लों की सफाई में जुटी थी। ऐसे में आम जनता अब इन जनप्रतिनिधियों के कारनामें देख हैरान है।
