पहली बार एनर्जी ड्रिंक में भरपूर मांग

बिलासपुर। महामारी के दौर में मांग से काफी दूर हो चुका कोल्ड ड्रिंक्स बाजार इस बार भरपूर मांग से गुलजार है। हालात ऐसे हो चले हैं कि ऑर्डर आज, देने पर सप्लाई कब होगी या कब दी जाएगी ? जैसे सवाल के जवाब नहीं मिल रहे हैं। इधर लोकल प्रोडक्ट पहली बार भारी संकट का सामना कर रहा है क्योंकि ब्रांडेड ने इसकी लगभग तीस फीसदी हिस्सेदारी अपने नाम कर ली है।

यह बरस, यह गर्मी पहली बार कोल्ड ड्रिंक्स बाजार के लिए राहत की खबर लेकर आई है क्योंकि वर्षो बाद या शायद पहला ऐसा साल होगा, जब कोल्ड ड्रिंक कंपनियों के पास उत्पादन से ज्यादा मांग पहुंच रही है। संभावना जताई जा रही है कि संक्रमण के दौर में हुए नुकसान की काफी हद तक भरपाई कर ली जाएगी क्योंकि मांग सीधे दोगुनी हो चली है। इसमें और बढ़त के प्रबल आसार हैं क्योंकि मई और जून का पूरा 2 महीना बाकी है।

इसलिए सप्लाई शॉर्ट

बीते 2 साल कोरोना महामारी ने प्रोडक्शन और डिमांड को काफी प्रभावित किया। अब महामारी का खतरा कम हो चला है लेकिन मौसम का तेवर इतना सख्त है कि शीतल पेय की डिमांड डबल हो चुकी है। यह बढ़त भी ले रही है लेकिन देश स्तर पर उठी मांग और उत्पादन की गति जस-की- तस बनी हुई है। इसलिए सप्लाई लाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है।

ले रहे समय

कोल्ड ड्रिंक्स कंपनियां सीजन पर नजर रखी हुईं हैं लेकिन उत्पादन का बढ़ाया जाना संभव दिखाई नहीं दे रहा है। लिहाजा मांग के बाद आठ से दस दिन का समय लिया जा रहा है। राहत की बात यह है कि ऑफ सीजन में सप्लाई की गई मात्रा होलसेल काउंटरों में है। इसलिए कीमत पर नियंत्रण बना हुआ है लेकिन मांग को देखते हुए लग रहा है कि उत्पादन की मात्रा, बढ़ाई नहीं गई तो, कीमत पर लगा नियंत्रण कभी भी खत्म हो सकता है।

इनकी भी बल्ले-बल्ले

पहली बार एनर्जी काउंटर यह देखकर हैरत में है कि डिमांड तेजी से बढ़ रही है। कीमत के लिहाज से हर वर्ग के उपभोक्ता की क्रय शक्ति पर उपलब्ध होने वाला एनर्जी ड्रिंक भी मांग में बना हुआ है। सेहत को लेकर आई जागरूकता बड़ी वजह है, तो शॉर्टेज जैसी स्थितियों से दूर होने की वजह से यह क्षेत्र पहली बार डिमांड से खुश है। मालूम हो कि आर्डर के 24 घंटे के भीतर सप्लाई बाजार में इसे मजबूत बना रही है।

यहां सन्नाटा

ब्रांडेड कोल्ड ड्रिंक्स और एनर्जी ड्रिंक्स में निकल रही मांग के बाद लोकल ब्रांड के कोल्ड ड्रिंक्स मार्केट में सन्नाटा पसरा हुआ है। बाजार से आ रही खबरों के अनुसार इसका 30 फ़ीसदी क्षेत्र ब्रांडेड और एनर्जी ड्रिंक्स के हिस्से में जा चुका है। इसमें और बढ़त की आशंका है क्योंकि उपभोक्ता पहले की तुलना में अब सेहत और गुणवत्ता को लेकर सजग हो चला है।