बिलासपुर। सामाजिक संस्था ‘उत्कृष्ठ’ के तत्वावधान में कोराना जागरुकता अभियान के तहत शनिवार को ‘संवाद’ का आयोजन हुआ। जिसमें उपस्थित अतिथियों ने कोरोना के दौर से गुजरे पल को साझा किया। संकट के दौर में भी आमजनों, जरूरतमंदों, समाज सेवा में तत्पर समाज सेवी संस्थाएं, निगम प्रशासन, स्वास्थ्य कर्मचारी व मीडिया की सहभागिता की प्रशंसा की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महापौर रामशरण यादव थे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कोरोना से डरें नहीं, मानसिक शक्ति बनाए रखे। उन्होंने कहा कि कोरोना से लड़ने मानसिक रूप से स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोरोना का प्रथम दौर जिस समय शहर में शुरू हुओ, उस समय नगर निगम का अमला जागता रहा और त्वरित सेवा देते हुए लगातर लोगों तक राशन व सब्जियां पहुचाई। दूरदराज से फंसे लोगों को घर भेजने की व्यवस्था भी की। इस अवसर पर उन्होंने शहर के दानदाताओं व समाजसेवियों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने निगम के अमले के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य किया।


० स्वास्थ्य कर्मचारियों के समर्पण से भूले दर्द
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नगर निगम सभापति श्ोख नजीरुद्दीन ने बताया कि, जब वे कोरोना पॉजिटिव हुए तो मन में कई भ्रांतियां जागीं। मगर जब अस्पताल पहंुच कर स्वास्थ कर्मचारियों को जान जोखिम में डाल कर कार्य करते देखा, अपना दर्द भूल गए।
० एसएमएस को रखे याद
कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि नगर निगम कमिश्नर प्रभाकर पांडेय ने कोरोना और उससे फैली भ्रंतियों को सामनेरखा और ‘एसएमएस’ यानी सोशल डिस्टेंस, मास्क और सेनिटाइजर को गंभीरतापूर्वक अपने दैनिक जीवन में अपनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर उन्होंने इसे तेजी से फैलने वाला वायरस बताते हुए कोरोना के दौरान मिली सीख पर अपनी बात रखी। इस कार्यक्रम को सफल बनाने संस्था अध्यक्ष बंटी खान, दीपक चौरसिया, वैभव अग्रवाल, मोमेंद्र साहू, रवि बंजारे, फारुख खान का विशेष योगदान रहा।