अच्छे दिन का इंतजार अब नहीं
भाटापारा। स्वतंत्रता दिवस। गणेश उत्सव। नवरात्रि। भय और संशय के बीच, इस बार फिर रंगीन झालर के आर्डर नहीं दिए गए। रही- सही कसर कीमतों में भारी वृद्धि ने पूरी कर दी है। इसके बाद रिटेल काउंटरों ने खरीदी सीमित कर दी है क्योंकि मांग तो दूर पूछ-परख तक नहीं है।
स्कूलों के गेट तो खोले जा चुके हैं लेकिन गणेश और नवरात्रि पर्व के लिए फिर से कोरोना के गाईडलाईन का पालन अनिवार्य होगा। लगाई गई रकम की वापसी नहीं होने की और संशय,अनिश्चित मांग की। इन दोनों ने मिलकर इलेक्ट्रिक गुड्स का कारोबार करने वाली संस्थानों की जैसी दुर्गति, दूसरे साल भी की है, उससे यह क्षेत्र जमीन पर आता दिखाई देता है क्योंकि होलसेल काउंटरों को रिटेल काउंटर से आर्डर नहीं मिले हैं। लिहाजा इस बार भी यह क्षेत्र सूना नजर आएगा।
यह धड़ाम से
गणेश पूजा, नवरात्रि पर भरपूर मांग में रहने वाला बिजली का झालर, रंगीन बल्ब का बाजार जमीन पर आ चुका है। प्रदेश में लगभग एक करोड़ का बाजार वाला, यह सामान अब भी मांग में नहीं आ सका है जबकि खरीदी के लिए थोक बाजार में आर्डर का पहुंचना चालू माह से शुरू होता रहा है। इस बार यह शून्य पर है।
मांग नहीं फिर भी भारी वृद्धि
इलेक्ट्रिक गुड्स कारोबारियों की मानें तो रंगीन बल्ब, बिजली के झालर की कीमतों में निर्माण कंपनियों ने लगभग 50 फ़ीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। इस वजह से भी बाजार की बढ़त पर ब्रेक लगा हुआ है। मांग वैसे भी नहीं है, इसलिए रिटेल काउंटर बेहद सीमित मात्रा में खरीदी कर रहा है। आशंका जताई जा रही है कि बाजार में लगभग 80 फ़ीसदी की गिरावट आ चुकी है।
कोरोना और कीमत में बढ़ोतरी के बाद उपभोक्ता मांग लगभग शून्य है इसलिए बाजार शांत है।
- गौरव अग्रवाल, संचालक, रायपुर इलेक्ट्रिकल्स, भाटापारा


