मामला एक फूल और छह माली का था फिर ये शान्ति कहां से आ गई जो भंग हो गई। लोगों को तो कुछ और भंग होने की आशंका है। फिलहाल पांच जेल में है। एक की खोजबीन जारी है। फूल तो फूल है चमन में मुस्कुरा रही है।
रतनपुर थाना पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक थाना रतनपुर पुलिस को सूचना मिली कि पप्पू निर्मलकर के मकान में कुछ व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में एकत्रित होकर आपत्तिजनक गतिविधियों में संलिप्त हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंची। रेड कार्रवाई की गई।कार्रवाई के दौरान मौके पर छह युवक मिले। इसमें से एक युवक मौके से फरार हो गया। पुलिस सभी को हिरासत लेकर थाना पहुंची। पुलिस ने पूछताछ के बाद 5 आरोपियों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत पृथक-पृथक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर सभी पांचों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया।
किसने खींच रखी है लक्ष्मण रेखा
इधर शहर में चर्चा है कि मौके पर तो एक फूल छह माली के होने की। फिर बीच ये शांति कहां से आ गई ? वैसे भी इन दिनों शहर में शांति की शामत आई हुई है। कोई भी सुख शांति और पूजा अर्चना के लिए पवित्र मां महामाया के आंगन में आकर घंटा बजाकर चला जा रहा है। पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच कर दर्शक दीर्घा में होने की लक्ष्मण रेखा भी खींच ले रहा है। जैसे कि किसी ने इनकी सीमा रेखा तय कर दी हो।
जागेगा तनातनियों का सम्मान
गौरतलब है कि संदिग्ध रुप में पकड़ कर गिरफ्तार पांच आरोपियों में एक वही है जो मंदिर परिसर में हो रहे घटना क्रम के सूत्रधार तनातनी के आजू बाजू मसल बल के रुप में मंडराता छाया और चल चित्रों पर नजर आता रहा था। अब देखना ये भी होगा कि सूत्रधार की अस्मिता और स्वाभिमान इस संस्कारी की हरकत पर किस तरह जागता है और कथित सर्व हिंदु समाज इस पर किस कर करवट लेता है।
आखिरी सवाल
उस मकान पर कब्जा किसका है… ताला लगी थी तो टूटी है कि खुली है… बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी… हम तो कहते हैं राफ्तागोई में है रुसवाई बहुत… सावधान रहें सुरक्षित रहे…
कब लगता है धारा 170
बिना वारंट और बिना मजिस्ट्रेट के आदेश के पुलिस कर सकती है गिरफ्तारी। किसी पुलिस अधिकारी को यह पुख्ता जानकारी मिलती है कि कोई व्यक्ति कोई संज्ञेय अपराध (Cognizable Offence – जैसे गंभीर हिंसा, चोरी, हमला या आतंकी गतिविधि) करने की योजना बना रहा है, और उस अपराध को रोकने का कोई अन्य तरीका नहीं है, तो पुलिस उसे बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती है। इस धारा के तहत गिरफ्तार किए गए किसी भी व्यक्ति को 24 घंटे से अधिक हिरासत में नहीं रखा जा सकता है, जब तक कि इस संहिता या किसी अन्य कानून के तहत उसकी आगे की हिरासत कानूनी रूप से जरूरी या अधिकृत न हो। पुराने CrPC की धारा 170 का संबंध चार्जशीट पेश करने से था, लेकिन नए BNSS में इसे निवारक गिरफ्तारी से जोड़ दिया गया है। शांति भंग करने के लिए पुराने CrPC की धारा 151 अब BNSS की धारा 170 बन गई है।