बिलासपुर। प्रस्थान बैगन फली और सुंदरी का। आगमन चौसा और दशहरी का लेकिन यह भी कुछ ही दिन के मेहमान है लिहाजा फल बाजार तैयार हो रहा है सेब और नाशपाती के लिए क्योंकि दोनों की फसल इस बरस अनुमान से ज्यादा बताई जा रही है।
फसल ठीक थी लेकिन परिपक्वता अवधि के दौरान उत्पादक क्षेत्रों में हुई बारिश ने आम की फसल को जोरदार नुकसान पहुंचाया। असर उस फल बाजार पर पड़ा, जहां मांग की तुलना में लगभग 40 फ़ीसदी आपूर्ति कम हो गई। अब दशहरी, चौसा और नीलम के साथ तोतापरी ने अपनी आमद दे दी है।
विदाई बैगन फली की
फलों का राजा आम। इसमें भी बैगन फली की प्रजाति मांग के शिखर पर रहती है लेकिन ऐन परिपक्वता अवधि के दौरान हुई बारिश ने फसल को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया। विदा ले चुकी है उत्पादक क्षेत्र से यह प्रजाति। आने लगा है चौसा, दशहरी, नीलम और तोतापरी लेकिन यह चारों भी चालू माह के अंत तक विदा ले सकते हैं क्योंकि नुकसान इन प्रजातियों को भी हुआ है।

तैयारी सेब की
जुलाई अंत तक सेब, नाशपाती और मौसंबी की आवक शुरू होने की संभावना है। दाम शुरुआती दिनों में तेज रहेंगे। बाद की अवधि में कीमत क्रयशक्ति के भीतर ही रहने की धारणा है क्योंकि उत्पादक क्षेत्र से भरपूर फसल की खबरें हैं। अनानास की आवक में निरंतरता की संभावना है क्योंकि स्थानीय स्तर पर भी इसकी व्यावसायिक खेती होने लगी है।
…तो बढ़ सकती है कीमत
डीजल की कीमत में बढ़ोतरी और बारिश की वजह से सड़क मार्ग जगह-जगह बाधित । ऐसे में बाजार तक गाड़ियों की पहुंच कठिन होती नजर आ रही है। फलों के खराब होने का भी खतरा है। इसलिए कीमतों में आंशिक वृद्धि की आशंका फल बाजार जाहिर कर रहा है।