भाटापारा।  है 560 से 575 रुपए सैकड़ा। खुदरा बाजार 6 से 7 रुपए प्रति नग पर जा पहुंचा है। कीमत में हल्की वृद्धि के संकेत इसलिए मिल रहे हैं क्योंकि एग रोल और आमलेट काउंटरों की मांग जोर पकड़ने लगी है।

रहती है मांग अंडों में पूरे साल लेकिन नवंबर से फरवरी के बीच की अवधि अंडों का सीजन के रूप में जानी जाती है। ऐसी स्थिति में मांग दोगुना से आगे हमेशा से बनी रहती आई है। कीमत की बात करें, तो अंडा अब आंशिक तेजी की राह पर है।

पहली बार गांव- देहात आगे

एग मार्केट में पहली बार ग्रामीण क्षेत्र की डिमांड शहरी मांग से आगे हो चुकी है। कुल बिक्री के लगभग 75 फीसदी हिस्से में कब्जा रखने वाला ग्रामीण क्षेत्र अब 80 फ़ीसदी डिमांड की राह पर है। बड़ी खरीदी ऐसे स्ट्रीट फूड काउंटरों की है, जो सिर्फ एग रोल और आमलेट की बिक्री करते हैं। नया बदलाव यह कि ग्रामीण क्षेत्र की किराना दुकानों में भी अब अंडे बिकने लगे हैं।

डिमांड इनकी भी

भाटापारा से सिमगा, सरगांव और अर्जुनी मार्ग के होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट अब अंडों की खरीदी के लिए शहर को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह इसलिए क्योंकि कम दूरी और कम कीमत में उपलब्धता तय हो जाती है। इसके अलावा इन शहरों की दुकानें भी मांग की मात्रा बढ़ा रहीं हैं। इसलिए पोल्ट्री फार्म संचालक उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ व्यापक मांग वाले क्षेत्र बलौदा बाजार और बिलासपुर में संभावनाएं खोज रहे हैं।

ऐसा है बाजार

सीजन के शुरुआती दौर में हल्की मंदी के बीच अंडों में प्रति सैकड़ा कीमत 560 से 575 रुपए बोली जा रही है। बीते एक सप्ताह में सैकड़ा पीछे 100 रुपए की टूट के बाद एक बार फिर से तेजी की धारणा इसलिए बन रही है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। इसके दम पर फिलहाल 15 हजार से 18 हजार अंडों की खपत प्रतिदिन हो रही है। संभावना 20 हजार अंडा रोजाना की बनती नजर आ रही है।