सैम्पल भेजे गए परीक्षण के लिए
महासमुंद। संदेहास्पद नजर आई दही की गुणवत्ता। फौरी जांच में बेसन और बूंदी के लड्डू भी सही नहीं मिले। कुछ ऐसा ही हाल खोवा और पेड़ा का भी था। इसलिए इनके सैंपल, जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गये हैं।
अरसे बाद जिस सख्त अंदाज में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच अभियान की शुरुआत की है, उससे चौकस होता नजर आ रहा है बाजार। हैरत में शहर इसलिए है क्योंकि इससे पहले ऐसे सख्त तेवर कभी देखे नहीं गए।
पहली बार दही
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिस अंदाज में दुग्ध उत्पाद को निशाने पर लिया है, उससे हलचल की स्थिति देखी जा रही है क्योंकि दही और देशी घी को लेकर सख्त जांच होता कभी नहीं देखा गया। इसी तरह बेसन, बूंदी का लड्डू और खोवा तथा पेड़ा की स्थिति भी सही नहीं। इसलिए इनके सैंपल भी जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गये हैं।
सैंपल इनके भी
सख्त जांच के घेरे में आए साबूदाना, इलायची दाना, फल्ली दाना, पामोलिन तेल, कलाकंद, खोवा और नारियल बर्फी के भी सैंपल लिए जाकर परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गये हैं। परीक्षण रिपोर्ट उपरांत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रक्षाबंधन पर जांच की रिपोर्ट आई
खाद्य सुरक्षा अधिकारी एस एन भोई ने रक्षाबंधन पर्व में 8 मिठाइयों के विधिक सैंपल एवं 12 सर्विलांस सैंपल लिए थे। जांच रिपोर्ट में विधिक नमूनों में से चार अमानक एवं चार मानक मिले हैं। जबकि सर्विलांस सैंपल की जांच रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है।
दीप पर्व के मद्देनजर खाद्य एवं पेय पदार्थ की गुणवत्ता की जांच और संस्थानों का निरीक्षण अभियान जारी रहेगा।
- उमेश वर्मा, अभिहित अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, महासमुंद
