पंद्रह फीसदी तक बढ़ गई है लागत

भाटापारा। आकार ले रहीं श्री विश्वकर्मा और शक्तिस्वरुपा की प्रतिमाएं। सिर्फ आर्डर पर प्रतिमा निर्माण कर रहे मूर्तिकार तिलकराम वर्मा का कहना है कि 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि इसलिए होगी क्योंकि निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सभी सामग्रियां महंगी हो गईं हैं।

ऊंचाई 4 से 8 फीट तक जा सकती है। यह इसलिए क्योंकि स्थापना और विसर्जन के लिए जारी निर्देशों का पालन पूरी गंभीरता से करना है। श्री विश्वकर्मा और शक्तिस्वरुपा की प्रतिमाओं को आकार दे रहे तिलक वर्मा को पूरी आस है कि न केवल संख्या बढ़ेगी बल्कि अगले बरस के लिए रुझान भी जाना जा सकेगा।

17 सितम्बर को विश्वकर्मा जयंती

शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कम लेकिन सुहेला में श्री विश्वकर्मा प्रतिमा स्थापना को लेकर ज्यादा उत्साह देखा जा रहा है। यह इसलिए क्योंकि सुहेला में वर्कशॉप और रिपेयर शाॅप की संख्या अच्छी-खासी है। इसलिए डिमांड सुहेला से ही आ रही है। 4 से 5 फीट ऊंचाई वाली विश्वकर्मा प्रतिमा 2000 से 5000 रुपए में खरीदी जा सकेगी।

शक्तिस्वरुपा ले रहीं आकार

22 सितम्बर से नवरात्रि का पर्व शुरू हो रहा है। ऊंचाई को लेकर जारी गाईड लाईन पर पूरा ध्यान है। 7 से 8 फीट के मध्य बन रहीं यह प्रतिमाएं 7000 से 15000 रुपए पर समितियां खरीद सकेंगी। कीमत में वृद्धि इसलिए हुई है क्योंकि श्री दुर्गा प्रतिमा की साज-सज्जा अपेक्षाकृत ज्यादा जरुरत पड़ती है। खासकर वस्त्राभूषण और अस्त्र-शस्त्र ज्यादा लगते हैं।

गाईड लाईन का पूरा ध्यान

ज्यादा ऊंचाई वाली प्रतिमाओं को न केवल बनाना कठिन है बल्कि स्थापना स्थल तक पहुंचाना भी परेशानी भरा काम होता है। ठीक ऐसी ही परेशानी विसर्जन के दौरान भी उठानी होती है। लिहाजा राज्य सरकार के द्वारा जारी दिशा- निर्देशों का पालन करते हुए मानक ऊंचाई वाली प्रतिमाएं बनाई जा रही है। इसके अलावा केवल आर्डर पर ही श्री विश्वकर्मा और श्री दुर्गा की प्रतिमा गढ़ी जा रही है।