30 से 40 % डेयरियां बंद।




बिलासपुर। अब नहीं कर पाएंगे डेयरी का संचालन  क्योंकि मजदूरी दर और पशु आहार की कीमतें बूते से बाहर जा चुकीं हैं। परिणाम 30 से 40% डेयरियां बंद। ठीक ऐसी ही समस्या से दो-चार हो रही पशु आहार विक्रेता संस्थानें भी कारोबार समेटने की तैयारी में हैं।

दिहाड़ी मजदूरी दर ने अब पशु आहार बनाने और बेचने वाली संस्थानों के साथ डेयरियों में भी दस्तक दे दी है। प्रभावित पहला क्षेत्र स्वचालित यूनिट की स्थापना के बाद कामकाज समेटने पर विचार कर रहा है, तो दूसरे के पास विकल्प है नहीं इसलिए डेयरी बंद करने का न केवल फैसला ले लिया है बल्कि अमल भी चालू कर दिया है।

लगने लगे ताले

पशु आहार की बढ़ती कीमत से जैसे-तैसे बचाव के उपाय कर लिए जाते थे लेकिन मजदूरी दर में रिकॉर्ड वृद्धि से बचाव के कोई उपाय नहीं है। इसलिए शहरी क्षेत्र में चल रही डेयरियों में से 30 से 40% डेयरियों में ताले लग चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्र भी अछूता नहीं हैं इस स्थिति से लेकिन संकट ने यहां भी दस्तक दे दी है। लिहाजा यह क्षेत्र मवेशियों की संख्या घटाने पर विचार कर रहा है।

समेट रहे कारोबार

350 से 400 रुपए प्रतिदिन। ले रहे इस दर पर काम लेकिन काम की गति संतोषजनक नहीं है। ठेके पर काम दिया, यह व्यवस्था भी काम नहीं आई। पशु आहार बनाने वाली संस्थानों ने स्वचालित संयंत्र की स्थापना पर काम चालू कर दिया है, तो विक्रेता संस्थानों ने दूसरे कारोबार में संभावनाएं तलाशनी चालू कर दी हैं। कल्पना भी नहीं थी, डेयरियों और संस्थानों को, कि लॉकडाउन जैसे फैसले करने होंगे।

रिकॉर्ड गर्म पशु आहार

सबसे ज्यादा बिकता है चोकर। 100 रुपए की तेजी के बाद यह 2500 रुपए क्विंटल पर पहुंचा हुआ है। खल्ली में बिनौला खली पहली बार 3200 रुपए क्विंटल पर पहुंची हुई है। दलहन में  अरहर पाउडर 1900 रूपए क्विंटल पर पहुंचकर आगे भी वृद्धि का संकेत दे रहा है। पहली बार कोढ़ा 900 से 1000 रुपए क्विंटल और रफी 1900 रूपए क्विंटल पर पहुंचने के बाद विक्रेताओं और डेयरियों को हताश कर रहा है। ताजा स्थितियों में यह तेजी कमजोर मांग की वजह बनी हुई है।