मिठाई और पान की दुकानों पर पहला असर

बिलासपुर। स्वीट कॉर्नर और डिजाइनर पान बनाने वाली संस्थानों को चांदी के वर्क खरीदने में अपेक्षाकृत ज्यादा रकम देनी पड़ सकती क्योंकि कच्ची और पक्की चांदी की कीमत लगातार बढ़ रही है।

दीपावली के बाद से शांत चांदी के वर्क में मांग धीरे-धीरे बढ़त की ओर है। रक्षाबंधन के साथ त्योहार और पर्व के दिन चालू होने वाले हैं। इसलिए मिष्ठान्न दुकानें अग्रिम तैयारी में जुट गई हैं लेकिन खाद्य सामग्रियों की कीमतों में आई तेजी के बाद चांदी के वर्क में गर्मी का अंदेशा वर्क बनाने वाली इकाइयां जता रहीं है। यह नई स्थिति कमजोर मांग के रूप में सामने आ सकती है।

चमक रही चांदी

शादी ब्याह की तारीखें भले ही चालू नहीं हुई हों लेकिन रुझान ने चांदी की कीमतें बढ़ा दी हैं। ग्रामीण क्षेत्र की खरीदी छोटी मात्रा में शुरू हो चली है । ऐसे में कच्ची चांदी 92000 रुपए किलो और पक्की चांदी 95200 रुपए किलो पर जा पहुंची है। संकेत 100000 रुपए किलो तक जाने के हैं। यही वजह है कि चांदी का वर्क बढ़त की राह पर है।

430 का 100

क्वालिटी सिल्वर वर्क का 100 पेपर का पैक 430 रुपए पर शांत है। खरीदी केंद्र ऐसे स्वीट कॉर्नर हैं, जो उच्च गुणवत्ता वाली मिठाईयां बनाती हैं। तेजी की बन रही आशंका के बीच इन्हें अतिरिक्त रकम खर्च करनी होगी। असर सीधा उपभोक्ता खरीदी में बढ़ी हुई कीमत के रूप में देखा जाएगा। ऐसे पान कार्नरों को भी सिल्वर वर्क की खरीदी महंगी पड़ेगी, जो वर्क लपेटकर पान बीड़ा बनाते हैं।

पैक्ड मिठाइयां भी होंगी महंगी

कुछ किस्म को छोड़कर लगभग सभी प्रकार की मिठाइयों के पैक की भी कीमत बढ़ने की प्रबल संभावना है क्योंकि इसमें भी सिल्वर वर्क लगा हुआ होता है। यानी मिठाइयों के गिफ्ट पैक भी उपभोक्ताओं को ऊंची कीमत में खरीदी करनी होगी। मालूम हो कि सिल्वर वर्क की खरीदी में फिलहाल पैक्ड मिठाइयां बनाने वाले, खुले बाजार से आगे हो चले हैं।