Tag: मुंशी प्रेमचंद

“दिल मेरा जिससे बहलता कोई ऐसा न मिला। बुत के बंदे मिले अल्लाह का बंदा न मिला।”

भारतीय समाज की गहरी समझ और यथार्थ चित्रण ने बनाया प्रेमचंद को महान जयंती पर श्रद्धा सुमन        कुछ लोग…