खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई
महासमुंद। हड़कंप जिला मुख्यालय सहित बागबाहरा, खल्लारी और तुमगांव में। रिकॉर्ड 112 खाद्य पदार्थों की न केवल जांच की और सैंपल लिए बल्कि मौके पर ही अमानक हो चुके पेड़ा, जलेबी, बूंदी के लड्डू नष्ट करवा दिए। साथ में सख्त हिदायत दी कि गुणवत्ता बनाए रखें अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन पिछले एक सप्ताह से जिस सख्त तेवर में जांच कर रहा है, उससे खाद्य पदार्थ बनाने और बेचने वाली संस्थानें दहशत में आने लगीं हैं। विशेष नजर बेसन, आटा, सूजी, मैदा के साथ मसाले पर है क्योंकि इनकी ही गुणवत्ता में लगातार गिरावट आ रही है। इसलिए मौके पर ही नष्टीकरण जैसी कार्रवाई की जाने लगी है।

किराना और होटल एक साथ
न केवल होटल – ढाबों की जांच की गई बल्कि आपूर्ति करने वाली किराना दुकानें भी जांच के घेरे में ली गईं। सख्ती खल्लारी जैसे छोटे कारोबारी कस्बे में ज्यादा देखी गई। यहां की पांच, बागबाहरा की तीन, महासमुंद के साथ तुमगांव और तेंदुकोना तक की व्यापारिक संस्थानों की जांच में प्रशासन की सख्ती बरकरार रही।
जांच, सैंपल और नष्टीकरण
खल्लारी के बाबूलाल होटल में विक्रय के लिए रखी गई जलेबी, दिनेश प्रोविजन में बेसन, प्रदीप किराना से हल्दी पाउडर, शंकर होटल से मिनी पेड़ा के सैंपल जांच में अमानक मिले। मौके पर ही इन्हें नष्ट करवा दिया गया जबकि जीरा, मसाला मिथ्याछाप होने की वजह से विक्रय से बाहर करने के आदेश दिए गए। बागबाहरा का साहू जलपान गृह भी जांच के निशाने पर आया। यहां बूंदी का लड्डू और कलाकंद मानक पर खरा नहीं उतरा। दोनों नष्ट करवा दिए गए। यहीं का गोपाल ढाबा और यश फैमिली ढाबा को भी जांच में लिया गया। विक्रय के लिए रखी मलाई और उबला चना सेवन करने योग्य नहीं मिला। इसलिए इनको भी नष्ट करवा दिया गया जबकि गुणवत्ता संदेहास्पद मिलने पर तेंदूकोना के विजय किराना से बेसन और मैदा के सैंपल लिए। इसी तरह तुमगांव के शिवा हाॅटल से भी मैदा, पनीर और कलाकंद के सैंपल लिए गए हैं। महासमुंद के भवानी मिष्ठान भंडार से कलाकंद, बूंदीलड्डू, सेव और पेड़ा के सैंपल लिए हैं।

गुणवत्ता बनाए रखें अन्यथा…
त्यौहारी सीजन को देखते हुए जिले में सघन जांच की जा रही है। 112 खाद्य पदार्थों की जांच में 103 मानक मिले जबकि अमानक खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया है। जो सैंपल लिए गए हैं उनकी जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- उमेश वर्मा, अभिहित अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, महासमुंद
