बिलासपुर। ग्रीन नेट की खरीदी में अब सब्जी बाड़ियां तेजी से आगे बढ़ रहीं हैं। समानांतर में ऐसे घरेलू उपभोक्ता भी खरीदी को लेकर रुझान दिखा रहे हैं, जिनके पोर्च, लाॅन और छत काफी खुले हुए हैं लेकिन नया बदलाव यह कि मानक लंबाई और चौड़ाई वाले ग्रीन नेट की डिमांड ज्यादा है। फलस्वरुप किलो के भाव में बिकने वाला ग्रीन नेट अच्छी मांग की प्रतीक्षा कर रहा है।
न्यायालयीन सख्ती के बाद भारी वाहनें तिरपाल और ग्रीन नेट का उपयोग बढ़ा रहीं हैं। खासकर भवन निर्माण सामग्री का परिवहन करने वाली वाहनें ज्यादा उपयोग व खरीदी कर रहीं हैं ग्रीन नेट की लेकिन पहली बार यह क्षेत्र पीछे होता नजर आ रहा है सब्जी बाड़ियों से क्योंकि नेट फार्मिंग का रकबा लगातार बढ़त की ओर है। इससे ग्रीन नेट बनाने वाली इकाइयों की संख्या भी हर साल बढ़ रही है।किलो नहीं, मीटर में चाहिए

किलो नहीं, मीटर में चाहिए
ग्रीन नेट के चलन के शुरुआती दिनों में किलो की दर पर खरीदी- बिक्री करते थे क्रेता और विक्रेता लेकिन चलन और खरीदी को लेकर बढ़ते रुझान को देखते हुए ट्रक, ट्रैक्टर की लंबाई- चौड़ाई और उपयोग क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए निर्धारित आकर के ग्रीन नेट का उत्पादन शुरू किया गया। यह नया प्रयोग न केवल सफल रहा बल्कि उपभोक्ता क्षेत्र में भी विस्तार हुआ। रेट प्रति मीटर 70 से 90 रुपए।

नजर में सब्जी साड़ियां
सख्ती के बाद बेमन से ग्रीन नेट का उपयोग कर रहे हैं भारी वाहन लेकिन खुले मन से सब्जी बाड़ियों ने स्वीकार किया उससे ग्रीन नेट उत्पादन करने वाली ईकाइयां उत्साहित हैं। यह इसलिए भी क्योंकि ग्रीनहाउस और पॉलीहाउस के लिए ग्रीन नेट की मात्रा ज्यादा लगती है। इसलिए कंपनियों की नजर इस क्षेत्र पर विशेष है। बताते चलें कि यह क्षेत्र भी अब किलो की बजाय मीटर वाला नेट मांग रहा है।
यह नया-नया
ग्रीष्म ऋतु यानी तेज धूप और गर्म हवाओं के दिन। पोर्च, लाॅन और छत को कवर करने योजना के बीच ग्रीन नेट में पूछ-परख करने वाले भी बढ़ रहे हैं। यह नया उपभोक्ता भी 170 रुपए किलो की बजाय 70 से 90 रुपए मीटर वाले ग्रीन नेट की खरीदी को लेकर रुझान दिखा रहा है। ऐसे में ईकाइयां अब उत्पादन बढ़ाने की योजना पर विचार कर रहीं हैं।

उत्साहजनक मांग
ग्रीन नेट में वजन और निश्चित आकार वाली जालियां आने लगी है लेकिन खरीदी को लेकर रुझान मीटर वाले ग्रीन नेट में ज्यादा है। इसके अलावा उपभोक्ता क्षेत्र में भी विस्तार देखा जा रहा है इसलिए मांग उत्साह जनक है।
- मोहन बजाज, बजाज रोप सेंटर, बिलासपुर
