भाटापारा। महंगे नहीं, बेहद महंगे हैं दलहन, तिलहन और गेंहू के प्रमाणित बीज। ऐसे में किसान मंडी प्रांगण पहुंच रहे हैं जहां लगभग आधी कीमत पर ही बीज क्वालिटी के जिंस मिल जा रहे हैं।
रबी फसल में धान के बाद इस बरस सरसों का रकबा दोगुना होने की संभावना है। सामानंतर में गेंहू भी बढ़त की राह पर है लेकिन बड़ी बाधा प्रमाणित बीज की होश उड़ाने वाली कीमत बनी हुई है।

दोगुना बोनी की संभावना
धान के बाद सरसों दूसरी ऐसी फसल है, जिसकी बोनी का रकबा इस बरस दोगुना होने की संभावना बनी हुई है। खुले बाजार में प्रमाणित बीज की पर्याप्त उपलब्धता है लेकिन कीमत 100 से 150 रुपए प्रति किलो बोली जा रही है। इसलिए सरसों किसान मंडी प्रांगण से बीज क्वालिटी के सरसों की खरीदी को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसलिए कीमत प्रति क्विंटल 6400 रुपए पर पहुंच गई है। धारणा 7000 रुपए क्विंटल तक जाने की बन रही है।
गेंहू 85 से 100 रुपए किलो
गेंहू में भी बोनी का रकबा बढ़त की राह पर है लेकिन खुले बाजार में इसके बीज 85 से 100 रुपए किलो पर पहुंच गए हैं। लिहाजा गेंहू किसान मंडी से बीज क्वालिटी का गेंहू खरीद रहे हैं। कीमत की बात करें, तो बीज क्वालिटी का गेंहू इस वक्त 2600 से 2800 रुपए क्विंटल पर शांत है। हल्की तेजी की धारणा गेंहू में भी बनी हुई है क्योंकि घरेलू उपभोक्ताओं की मांग दस्तक दे रही है।

दलहन में यह तीन आगे
तिवरा, बटरी और चना। दलहन की बोनी करने वाले किसानों की मांग इन तीनों में निकली हुई है लेकिन बीज क्वालिटी की उपलब्धता कमजोर है। इसलिए बीज क्वालिटी का तिवरा 3000 से 3200 रुपए क्विंटल, बटरी 3200 से 3400 रुपए क्विंटल जैसी तेज कीमत पर खरीदा जा सकेगा। जबकि चना के लिए किसानों को 6000 रुपए खर्च करने होंगे। दलहन की तीनों किस्में फिलहाल प्रतिस्पर्धी खरीदी के दौर से गुजर रहीं हैं।
