बलौदा बाजार। चलती- फिरती किराना दुकानों के संचालक कृपया ध्यान दें। करवाना होगा कारोबार का पंजीयन। जांच के दौरान पंजीयन का होना नहीं पाया गया, तो विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। यह‌ नियम खाद्य एवं पेय पदार्थों के सभी स्ट्रीट फूड काउंटरों पर भी समान रूप से प्रभावी होगा।

नवरात्रि एवं दीप पर्व पर सघन जांच की योजना बना रहा है खाद्य एवं औषधि प्रशासन। इस बार यह अभियान स्ट्रीट-फूड काउंटर एवं चलती- फिरती किराना दुकानों के बीच चलाया जाएगा क्योंकि खाद्य एवं पेय पदार्थों के गुणवत्ता मानक के पालन को लेकर जमकर लापरवाही की शिकायतें प्रशासन तक पहुंच रहीं हैं। जांच के दौरान पंजीयन का होना नहीं मिला, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सिर्फ 433

जिले में खाद्य एवं पेय पदार्थ का कारोबार जिस अनुपात में बढ़ रहा है, उसी अनुपात में साइकिल, मोटरसाइकिल और ऑटो में खाद्य सामग्री विक्रेताओं की संख्या भी बढ़ रही है लेकिन पंजीयन करवाने वालों की संख्या मात्र 433 पर अटकी हुई है। यह तब, जब पंजीयन की प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क है। साथ में बड़ी सुविधा यह कि संबंधित कारोबारी एक से पांच बरस तक अवधि के लिए पंजीयन करवा सकता है।

विस्तार इन खाद्य सामग्रियों का

दाल, चावल, गुड़ और शक्कर। इन सामग्रियों के बाद हरी सब्जियों की जरूरत हर घर को हर रोज होती है। लिहाजा दो पहिया और तीन पहिया वाहनों में इन सभी सामग्रियों के साथ संबंधित कारोबारियों की पहुंच होने लगी है। दोपहर बाद चाट और चाय की दुकानों का नंबर लगता है। तेजी से बढ़ रही है इनकी भी संख्या लेकिन पंजीयन को लेकर यह सभी लापरवाह बने हुए हैं।

इसलिए सख्त जांच की योजना

चलती- फिरती दुकानों में बेची जा रही खाद्य सामग्रियों के निम्न गुणवत्ता को लेकर शिकायतें तेजी से बढ़ रही है, तो दोपहर बाद तैयार खाद्य सामग्री विक्रेता दुकानों में गुणवत्ता के साथ स्वच्छता को लेकर बरती जा रही लापरवाही की शिकायतें भी खूब हैं। इसलिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन पर्व के पहले सघन और सख्त जांच की योजना बना रहा है।

बहुत जल्द जांच अभियान

खाद्य एवं पेय पदार्थों की चलती- फिरती दुकानों को नियमानुसार पंजीयन करवाना अनिवार्य है। गुणवत्ता का होना अहम है लेकिन लापरवाही की जानकारियां मिल रहीं हैं, इसलिए बहुत जल्द जांच अभियान शुरू कर रहे हैं।
-अक्षय सोनी, अभिहित अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, बलौदा बाजार