बिलासपुर। बढ़ने लगे हैं दाम लाई और मुरमुरा के। कीमत में वृद्धि की आशंका इसलिए व्यक्त की जा रही है क्योंकि दोनों के लिए जरूरी धान आई आर-36 की बोनी का रकबा साल-दर-साल कम हो रहा है।
नवरात्रि और दीप पर्व की मांग के लिए मुरमुरा और लाई उत्पादन करने वाली ईकाइयों को पहली बार धान आई आर-36 की शार्टेज का सामना करना पड़ रहा है। बोनी को लेकर किसानों के घटते रुझान की वजह से मुरमुरा और लाई के लिए पर्याप्त मात्रा में धान नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में मध्य प्रदेश से आई आर -36 धान की खरीदी ऊंची कीमत पर करनी पड़ रही है। असर तैयार मुरमुरा और लाई की कीमतों पर पड़ रहा है।

शुरुआत सीजन की
नवरात्रि और दीपावली के लिए लाई और मुरमुरा के मांग पहुंचने लगी है उत्पादन करने वाली इकाइयों में लेकिन मांग के अनुरूप जरूरी धान आई आर- 36 की उपलब्धता बेहद कमजोर है। इसलिए एडवांस सौदे के पहले कच्चे माल की आपूर्ति पर पहले ध्यान दे रहीं हैं ईकाइयां। फिलहाल आपूर्ति पड़ोसी मध्य प्रदेश से हो रही है, जहां प्रति क्विटल भाव क्रयशक्ति से ज्यादा बोले जा रहे हैं।

बढ़ रहा मांग क्षेत्र
शाॅपिंग माॅल,मार्ट की डिमांड के लिए पैक्ड फूड बनाने वाली यूनिटों की मांग भी मुरमुरा और लाई के लड्डू के लिए निकलने लगी है।यह नया मांग क्षेत्र पूरे साल आर्डर देने लगा है। लिहाजा ईकाइयां अब जरूरी धान आई आर-36 का भंडारण करने की योजना पर गंभीरता के साथ विचार कर रहीं हैं ताकि शार्टेज जैसी स्थिति से बचा जा सके।

था 55, है 60 से 64 रुपए किलो
मांग पूरे साल रहती है मुरमुरा में। सप्ताह भर पहले तक 55 रुपए किलो पर बिक रहा मुरमुरा की प्रति किलो की खरीदी पर अब 60 रुपए खर्च करने होंगे। इसी तरह 55 से 58 रुपए किलो पर चल रही लाई में प्रति किलो कीमत 60 से 64 रुपए बोली जाने लगी है। नवरात्रि और दीपावली के लिए हो रहे अग्रिम सौदे से संकेत मिल रहा है कीमतों में उछाल आ सकता है।