सीएचसी रतनपुर के डॉक्टर पर निजी अस्पताल में आपरेशन करने पर लापरवाही से मौत का है आरोप

विसरा फोरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) और ऊतक रोग विज्ञान (हिस्टोपैथोलॉजी ) रिपोर्ट में होगा मौत के कारण का खुलासा

रतनपुर के मातृका नर्सिंग होम के आपरेशन थियेटर में संदिग्ध परिस्थितियों में महिला की मौत का है आरोप


बिलासपुर छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान सिम्स बिलासपुर यानी मेडिकल कॉलेज के चार सहायक प्रोफेसरों ने एक घंटा 25 मिनट तक शव का परीक्षण किया। फिर भी कथित आपरेशन थियेटर में हुई महिला की मृत्यु का कारण बताने में नाकाम रहे हैं। विसरा फोरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) और ऊतक रोग विज्ञान (हिस्टोपैथोलॉजी ) रिपोर्ट उपलब्ध होने तक मृत्यु के कारण को लंबित रखा है। पीएम रिपोर्ट में मृतक पर ऑपरेशन और बेहोशी की दवा संबंधी हस्तक्षेप के साक्ष्य मिले हैं। मौत भी शव परीक्षण के 24  घंटा पहले होने की पुष्टि हुई है। फिर भी पुलिस गैर इरादतन हत्या का अपराध दर्ज करने में आना-कानी रही है।  मामले की पुलिस अधीक्षक जिला-बिलासपुर से शिकायत की गई है।
नवागांव, मोहदा, रतनपुर, जिला-बिलासपुर छ.ग. निवासी 50 वर्षीय कुमारी बाई साहू, पति: ईश्वर साहू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। लापरवाही से मौत होने का परिजनों ने आरोप लगाकर जोरदार हंगामा किया। प्रशासनिक हस्ताक्षेप के बाद पोस्ट मार्टम के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई। 07 जून 2026 को दोपहर शव विच्छेदन परीक्षण छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान सिम्स बिलासपुर के सहायक प्राध्यापक, एनेस्थिसियोलॉजी विभाग, सहायक प्राध्यापक,चिकित्सा सहायक, फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग, सहायक प्राध्यापक पैथोलॉजी विभागऔर सहायक प्राध्यापक, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग द्वारा किया गया।
शव परीक्षा प्रतिवेदन (Post-Mortem Report Detail) के मुताबिक 50 वर्षीय कुमारी बाई साहू, पति: ईश्वर साहू की शव परीक्षा 07/06/2026 को दोपहर 01:05 बजे शुरू हुई जो दोपहर 02:30 बजे पूरी हुई। बाहरी शारीरिक परीक्षण कर बताया गया है कि शव एक औसत कद-काठी की महिला का था, जो शव परीक्षा टेबल पर सफेद चादर के ऊपर पीठ के बल (Supine) लेटी हुई थी और उसका चेहरा काले रंग के स्कार्फ से ढका था। शरीर पर गहरे नीले रंग का अस्पताल का गाउन था । दोनों कलाइयों में एक-एक लाल रंग की चूड़ी। नाक के बाईं तरफ सुनहरे रंग की लौंग (Nose Pin)। मुंह के दाहिने कोने में एन्डोथ्रेकियल ट्यूब (Endotracheal Tube – सांस देने वाली नली) लगी हुई थी। फ़ोलीस कैथेटर (Foleys Catheter – पेशाब की नली) लगी हुई थी, जिसके यूरोबैग में लगभग 300ml पेशाब मौजूद था। बाईं कलाई पर गुलाबी रंग का कैनुला (Cannula) लगा हुआ था। योनि मार्ग (Vaginal Orifice) के अंदर आधा खून से सना हुआ गॉज पीस (पट्टी का टुकड़ा) मौजूद था। आंखें बंद थीं, कॉर्निया धुंधला (Hazy) था, मुंह आधा खुला था, जीभ अंदर थी और होंठ अलग थे। दोनों हाथ-पैर सीधे थे। पूरे शरीर में रैगर मॉर्टिस (Rigor Mortis – मौत के बाद शरीर का अकड़ना मौजूद था। शरीर के निचले हिस्सों में हाइपोस्टैसिस (Hypostasis – रक्त का जमना) स्थिर हो चुका था। छोटी आंत में मल (Faecal matter) और गैसें मौजूद थीं। बड़ी आंत भी में मल और गैसें मौजूद थीं। यकृत (Liver) कंजेस्टेड (Congested -रक्त से भरा हुआ। प्लीहा (Spleen): कंजेस्टेड। गुर्दा (Kidney): कंजेस्टेड था। मृत्यु का कारण  विसरा FSL (फोरेंसिक साइंस लैबोरेट्री) और हिस्टोपैथोलॉजी (ऊतक रोग विज्ञान) रिपोर्ट उपलब्ध होने तक लंबित रखा है। मृतक पर सर्जिकल और एनेस्थेटिक संबंधी हस्तक्षेप के साक्ष्य मिले हैं। मृत्यु का समय पोस्टमॉर्टम जांच के 24 घंटे के भीतर का बताया गया है।
रतनपुर सीएचसी के सरकारी डॉक्टर और उनके निजी अस्पताल संचालक पिता पर है आरोप

मृतका के पुत्र मुकेश साहू ने 21 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक जिला-बिलासपुर छ.ग. दिए गए पत्र में मातृका नर्सिंग होम, पुलिस थाना के सामने वार्ड नं. 02, गांधीनगर, रतनपुर के संचालक आर. के. झा, डॉक्टर नेहुल झा व अन्य स्टाफ के द्वारा कुमारी बाई साहू 50 वर्ष पति ईश्वर साहू की लापरवाही पूर्वक ऑपरेशन व ईलाज करने के कारण हुई मृत्यु के संबंध में आरक्षी केन्द्र रतनपुर द्वारा शीघ्र कानूनी कार्यवाही नही करने की शिकायत की है। पत्र में बताया है कि डॉक्टर नेहुल झा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रतनपुर में पदस्थ है । निजी अस्पताल मातृका नर्सिंग आर के झा के नाम से संचालित है। आरोप है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रतनपुर में जो भी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज आते है उसका ईलाज अपने प्राईवेट हास्पिटल में करती है ।

मौत के बाद सिम्स लेकर गए ?

मुकेश का आरोप है कि उनकी मां कुमारी बाई की बच्चेदानी का आपरेशन कराने के लिए 38000/- (अड़तीस हजार रूपये) में ठेका लिये थे। जिसमें से 15,000/- पन्द्रह हजार रुपये जमा करने के बाद दिनांक 06 जून 2026 को उनकी मां का ऑपरेशन करने के लिए सुबह 9.30 से 10.00 बजे भर्ती कराया गया।  2.30 बजे के आस-पास उपस्थित डॉ. नेहुल झा के द्वारा ऑपरेशन थियेटर ले गए। शाम 4.00 बजे के आस-पास डॉक्टर द्वारा बीपी लो होने के कारण बताते हुए बिलासपुर सिम्स ले जाओ ICU में भर्ती करने बोले। मुकेश का आरोप है कि उनकी मां की मृत्यु मातृका नर्सिंग होम रतनपुर में ही हो गई थी। उन्ही के अस्पताल के एम्बुलेस में उनके कर्मचारी द्वारा सिम्स बिलासपुर ले गया। जहां सिम्स बिलासपुर के डाक्टर द्वारा पहले से मृत होना बताया गया।

पीएम रिपोर्ट में 24 घंटा पूर्व मृत्यु होना बताया

मुकेश ने बताया पोस्ट मार्टम 07 जून 2026 को दोपहर 1.00 से 2.30 हुआ। पीएम रिपोर्ट में 24 घंटा पूर्व मृत्यु होना बताया गया है। जिससे दर्शित होता है कि दिनांक 06 जून 2026 को मातृका हास्पिटल रतनपुर में ही लगभग 2.00 बजे के आस-पास मृत्यु हो गई थी। मुकेश का आरोप है कि मातृका हॉस्पिटल के डॉ. नेहुल झा की लापरवाही पूर्वक ऑपरेशन व ईलाज करने के कारण मेरी मां कुमारी बाई साहू पति ईश्वर साहू की मृत्यु हुई है। जिसके संबंध में दिनांक 06 जून 2026 आरक्षी केन्द्र रतनपुर मे सूचना दर्ज कराया गया था। आरक्षी केन्द्र रतनपुर द्वारा मातृका नर्सिंग होम के संचालक व डॉक्टर के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही नही की गई है।