न्यौछावरी 15 फीसदी ज्यादा
भाटापारा। 11 अक्टूबर से नवरात्रि। परंपरागत प्रतिमाओं के बीच पहली बार मां दुर्गा बाल स्वरूप में नजर आएंगी। विशेष आग्रह पर कुछ विशेष रूप के लिए मूर्तिकार तिलक वर्मा पूरी तल्लीनता के साथ जुटे हुए हैं।
आकार लेने लगीं हैं महिषासुर मर्दिनी मां दुर्गा की प्रतिमाएं लेकिन इस बार न्यौछावरी बीते साल की तुलना में 10 से 15% ज्यादा देनी होगी क्योंकि निर्माण सामग्री के साथ वस्त्र- आभूषण की कीमतों में जोरदार इजाफा हुआ है।

पहली बार बाल स्वरूप में
सामान्य आकार से कुछ छोटी होगी मां दुर्गा की बाल स्वरूप वाली प्रतिमा। कठिन था बाल स्वरूप में आकार का दिया जाना लेकिन विशेष आग्रह पर तैयार करने की ठानी है मूर्तिकार तिलक वर्मा ने। आवश्यक फ्रेम तैयार किया जा रहा है। इसके बाद जरूरी सभी सामग्रियों की मदद से बाल स्वरूप को पूर्ण आकार दिया जाएगा।

5 से 10 फीट
निर्माण स्थल से स्थापना स्थल तक ले जाने में होने वाली दिक्कतें इस बार नहीं आएंगी क्योंकि न्यूनतम ऊंचाई 5 फीट और अधिकतम ऊंचाई 10 फीट तय की गई है प्रतिमाओं की। रुझान की बात करें, तो शहरी क्षेत्र में न्यूनतम और ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतम ऊंचाई वाली प्रतिमा स्थापना को लेकर रुझान है जबकि छोटी प्रतिमाओं के दर्शन शहर के मध्य हिस्सों में ज्यादा किए जा सकेंगे।

न्यौछावरी 10 से 15% ज्यादा
फ्रेम के लिए लकड़ियां, उच्च गुणवत्ता वाला पैरा और मिट्टी की कीमतें 10% बढ़ी हुई हैं। आवश्यक वस्त्र और आभूषण भी 5% महंगे हो गए हैं। असर बढ़ी हुई न्यौछावरी के रूप में नजर आएगा लेकिन अहम बात यह है कि 10 से 15% की बढ़ी हुई न्यौछावरी भी समितियां सहर्ष स्वीकार कर रहीं हैं।न