भाटापारा। कीमत बढ़ने लगी है पुराने बारदानों की। और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं क्योंकि खरीफ की फसल इस बार जोरदार होने की खबरें आने लगीं हैं।

तैयार है ओल्ड जूट बैग का होलसेल मार्केट। तैयार होने लगे हैं रिटेल काउंटर। किसानों की मांग तो फिलहाल शांत है लेकिन चावल मिलों की छिटपुट खरीदी निकलने लगी है पुराने बारदानों में। अलबत्ता दैनिक जरूरतों के लिए पोहा और दलहन उत्पादन करने वाली इकाईयां तेजी की धारणा को देखते हुए पुराने बारदानों में खरीदी की मात्रा बढ़ा रहीं हैं।

बेहतर की धारणा के बीच तेजी

किसानों की मांग पुराने बारदानों की खरीदी के लिए फिलहाल शांत है लेकिन खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां रोजाना की जरूरतें पूरी करने के लिए पुराने बारदाने में खरीदी कर रहीं हैं। राईस मिलें समर्थन मूल्य पर खरीदी के दौरान जारी होने वाली नीतियों की प्रतीक्षा में हैं। इसके बावजूद छिटपुट खरीदी ओल्ड जूट बैग में इन्होंने भी शुरू कर दी है। दलहन और पोहा उत्पादन करने वाली इकाइयां अपने स्तर पर खरीदी कर रहीं हैं।

अंतरजिला मांग के संकेत

बिलासपुर, रायपुर, मुंगेली, दुर्ग, बेमेतरा और राजनांदगांव के साथ-साथ सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले भी पुराने बारदाने खरीदते हैं शहर के ओल्ड जूट बैग मार्केट से। इन जिलों से पुराने बारदानों की कीमत को लेकर पूछताछ शुरू हो चली है। रुझान को देखते हुए मांग दोगुनी होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इसलिए भी ओल्ड जूट बैग की कीमत बढ़ते क्रम पर है।

अब 20 से 25 रुपए

तेजी के बाद इस वक्त रिटेल काउंटरों में सेकेंड हैंड जूट बैग की कीमत 20 रु प्रति नग बोली जा रही है। 25 रुपए प्रति नग पर स्थिर है फ्रेश जूट बैग लेकिन रफू किया गया बारदाना 15 रुपए नग पर पहुंचा हुआ है क्योंकि मांग में यही बारदाना फिलहाल आगे है। तीनों किस्म के बारदानों में प्रति नग 2 से 3 रुपए वृद्धि के आशंका व्यक्त कर रहा है खुदरा बाजार।